पूवर्ती में 20 वर्ष बाद फिर से साप्ताहिक बाजार शुरू हुआ, बाजार में शराब बेचने पर लगा प्रतिबंध
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सुकमा। जिले का ग्राम पूवर्ती जिसे नक्सलियों का मुख्यालय कहा जाता था,उस पूवर्ती में अब 20 वर्ष बाद फिर से साप्ताहिक बाजार की शुरूआत हो गई है। सभी गांव के लोगों ने सामूहिक रूप से बैठक कर व्यापरियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया है । वहीं शराब से व्यापरियों से विवाद न हो इसलिए बाजार में शराब बेचने पर पूरी तरह प्रतिबंध है, अब बिना किसी डर के व्यापारी पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों को इस बाजार के लगने से वनोपज बेचने अब 30 किलोमीटर नहीं जाना पड़ेगा । पूवर्ती के ग्रामीणों ने बताया 2006 तक यहां साप्ताहिक बाजार लगता था, पर सलवा जुडूम के दौरान नक्सली उत्पात के बाद सड़कें काट देने से बाजार बंद हो गया था।
मिली जानकारी के अनुसार 20 वर्ष बाद पूवर्ती में शुरू हुई बाजार में शराब बेचने पर पूर्ण रूप से युवाओं ने प्रतिबंध लगा रखा है, युवा इसकी निगरानी भी कर रहें हैं। पूवर्ती गांव के भीमा, बुधरा ने बताया शराब से व्यापरियों से विवाद न हो इसलिए शराब पूरी तरह बंद है, अंग्रेजी शराब भी कुछ व्यापारी लेकर आ रहे थे, जिसे भी बंद करवा दिया गया है। पूवर्ती की साप्ताहिक बाजार बस्तर का ऐसा पहला साप्ताहिक बाजार होगा जहां देशी और अंग्रेजी दोनों शराब बेचने पर युवाओं ने प्रतिबंध लगा रखा है।समय के साथ बस्तर संभााग के ग्रामीण इलाके का यह आर्दश साप्ताहिक बाजार बन सकता है, विदित हो कि बस्तर संभाग के 90 प्रतिशत साप्ताहिक बाजारों में देशी महुआ की शराब खुले तौर पर बिकती है।
बस्तर संभाग के घुर नक्सल प्रभावित ग्राम पूवर्ती चर्चित इसलिए है क्योंकि यह देश के एक करोड़ का ईनामी मोस्ट वांटेड नक्सली कमांडर हिड़मा और मिलिट्री दलम का हेड बारसा देवा का गांव है, अब यहां भी बदलते बस्तर की तस्वीर नजर आ रही है। सरकार का मिशन 2026 यहां साकार होता दिख रहा है।
