May 8, 2026

विश्व हिंदी परिषद की जिला कार्यकारिणी गठित, जांजगीर-चांपा में हिंदी सेवा को मिलेगी नई गति

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*विश्व हिंदी परिषद ने जांजगीर-चांपा में सौंपी नई जिम्मेदारियां, जिला कार्यकारिणी का गठन*

*हिंदी प्रचार-प्रसार को मिलेगा बल, विश्व हिंदी परिषद की नई जिला टीम घोषित*

*जांजगीर-चांपा में विश्व हिंदी परिषद का संगठन विस्तार, जिला कार्यकारिणी का हुआ गठन*

जांजगीर-चांपा। हिंदी भाषा के वैश्विक प्रचार-प्रसार में अग्रणी भूमिका निभाने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था विश्व हिंदी परिषद द्वारा जिले में संगठन को सशक्त रूप देते हुए जिला कार्यकारिणी जांजगीर-चांपा का गठन किया गया है। इस कार्यकारिणी में सभी पदाधिकारियों को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपते हुए सामूहिक नेतृत्व की भावना को प्रमुखता दी गई है।
इसी क्रम में परिषद ने जिले के अनुभवी युवा साहित्यकार छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के जिला समन्वयक सुरेश पैगवार को जिला अध्यक्ष, जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़) का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा है। उनके नेतृत्व में गठित कार्यकारिणी में संयोजक श्री संतोष कश्यप हैं जो छंद मर्मज्ञ हैं, उपाध्यक्ष श्री अनुभव तिवारी जो कुशल गीतकार हैं, महामंत्री उमाकांत टैगोर को बनाया गया है जो प्रदेश के नामी गीतकार हैं, संयुक्त मंत्री प्रसिद्ध कवयित्री संतोषी महंत ‘श्रद्धा’ बनी हैं, कोषाध्यक्ष उभरते कवि योगेश्वर सिंह राठौर तथा मीडिया प्रभारी प्रसिद्ध पत्रकार मंच संचालक श्री दीपक यादव को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं कार्यकारिणी सदस्य के रूप में अपर्णा शर्मा, राजकिशोर धिरही, व्यास सिंह ‘गुमसुम’, सुखदेव प्रधान, आनंद पाण्डेय, अंकित राठौर, विनोद गोपाल एवं गौरव राठौर शामिल किए गए हैं। जो संगठनात्मक गतिविधियों को गति देंगे।
परिषद द्वारा इस संतुलित एवं समन्वित टीम गठन से जिले में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सभी पदाधिकारियों को उनकी योग्यता, सक्रियता और साहित्यिक-सामाजिक योगदान के आधार पर दायित्व प्रदान किया गया है, जिससे संगठन की कार्यशैली अधिक प्रभावी और व्यापक बनेगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विश्व हिंदी परिषद विगत कई वर्षों से देश-विदेश में हिंदी भाषा के संवर्धन, संरक्षण और प्रसार हेतु सतत सक्रिय रही है। परिषद ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी को प्रतिष्ठित करने के उद्देश्य से विभिन्न देशों में साहित्यिक सम्मेलन, संगोष्ठियाँ, कवि सम्मेलन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया है। इसके अतिरिक्त परिषद ने हिंदी शिक्षण, अनुवाद कार्य, युवा लेखकों के प्रोत्साहन तथा भारतीय भाषाओं के समन्वय जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं।
परिषद का प्रमुख लक्ष्य हिंदी को विश्वभाषा के रूप में स्थापित करना तथा राष्ट्रभाषा के रूप में उसकी सशक्त पहचान सुनिश्चित करना है। इसी दिशा में परिषद द्वारा सदस्यता अभियान, जनजागरण कार्यक्रम, साहित्यिक प्रतियोगिताएँ और नवोदित रचनाकारों के लिए मंच उपलब्ध कराने जैसे अनेक रचनात्मक कार्य किए जा रहे हैं।
मनोनयन पत्र में परिषद के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. विपिन कुमार ने विश्वास व्यक्त किया है कि यह संपूर्ण टीम अपने सामूहिक प्रयास, समर्पण और सक्रियता से जिले में परिषद को नई दिशा और सशक्त विस्तार देगी।
उल्लेखनीय है कि इस कार्यकारिणी के गठन से जिले के साहित्यकारों, शिक्षकों और हिंदी प्रेमियों में हर्ष का वातावरण है तथा आने वाले समय में हिंदी सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय गतिविधियों की उम्मीद जताई जा रही है।
इन्हें शील साहित्य परिषद के साथ साथ जिले के वरिष्ठ साहित्यकार और संरक्षक श्री विजय राठौर और श्री ईश्वरी यादव जी का संरक्षण प्राप्त है।साथ ही श्री विजय कुमार दुबे, भैया लाल नागवंशी, सतीश कुमार सिंह, दिनेश रोहित चतुर्वेदी, दयानन्द गोपाल, हर प्रसाद निडर, हजारी लाल कुर्रे, रोशन केशरवानी, प्रमोद अदित्या , महेश राठौर मलय, कमलेश मिश्रा डॉ संतोष यादव, गोपाल साहू, उमेश यादव, डॉ चंदरकिरण सोनी आदि साहित्यकारों ने हर्ष व्यक्त किया है।