April 20, 2026

गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वें शहादत पर्व पर 1000 श्रद्धालु दर्शन सिमरन यात्रा में शामिल होंगे

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रायपुर। धर्म की रक्षा हेतु अपने प्राण न्योछावर करने वाले सिखों के नौवें गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत को सिख समाज प्रतिवर्ष अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ स्मरण करता है। इस वर्ष उनकी शहादत के 350 वर्ष (शताब्दी) पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गुरुधाम प्रबंधक कमेटी, स्टेशन रोड, रायपुर द्वारा उनके चरण स्पर्श स्थान — धुबरी साहिब, असम — जाकर नमन करने हेतु विशेष ट्रेन द्वारा दर्शन सिमरन यात्रा का आयोजन किया गया है, जिसमें 1000 श्रद्धालु सम्मिलित होंगे।
अध्यक्ष छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज सुरेन्द्र सिंह छाबड़ा ने आज एक पत्रकारवार्ता में बताया कि धुबरी साहिब असम प्रांत के धुबरी जिले में ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर स्थित है। सिख धर्म के प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी बाका से असम की ओर यात्रा करते हुए 1505 ईस्वी में इस स्थान पर पधारे थे। तत्पश्चात, नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी 1669 ईस्वी में यहाँ आए। उनके चरणों से स्पर्शित इस पवित्र भूमि पर भव्य गुरुधाम निर्मित है, जहाँ प्रतिवर्ष उनकी शहादत को समर्पित विशाल मेला आयोजित होता है, जिसमें देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं. सिखों के पाँचों तख्त — तख्त श्री नांदेड़ साहिब, तख्त श्री आनंदपुर साहिब, तख्त श्री दमदमा साहिब, अकाल तख्त श्री अमृतसर साहिब, और तख्त श्री पटना साहिब — प्रत्येक सिख की आस्था का केंद्र हैं। हर सिख अपनी प्रतिदिन की अरदास में इन तख्तों को स्मरण करता है और यह इच्छा रखता है कि वह वहाँ जाकर माथा टेक सके। यह विशेष यात्रा 14 नवम्बर को रायपुर से आरंभ होगी। यह यात्रा पाँचों श्री तख्त साहिबों के दर्शन करते हुए 24 नवम्बर को धुबरी साहिब, असम पहुँचेगी। वहाँ पवित्र स्थल के दर्शन एवं शहादत पर्व के विशेष आयोजन में भाग लेने के उपरांत 27 नवम्बर को यात्रा रायपुर लौटकर पूर्ण होगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ्रढ्ढ तकनीक आधारित व्हाट्सएप इंटीग्रेशन का उपयोग किया गया है, जो भारत में पहली बार किसी धार्मिक यात्रा में किया जा रहा है। इसमें वर्चुअल सेवक के माध्यम से समस्त विवरण, व्यवस्था, समय सारिणी, सीटों की संख्या, ऑनलाइन बुकिंग, बुकिंग स्टेटस 24म7 उपलब्ध रहेगा। साथ ही व्हाट्सएप नंबर 9009118800 विशेष रूप से जारी किया गया है, जिस पर इस यात्रा संबंधी समस्त विवरण उपलब्ध रहेगा। स्पेशल ट्रेन में एक बोगी को विशेष रूप से सजाया जाएगा, जिसमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का स्वरूप प्रकाशित रहेगा। यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन होता रहेगा। ट्रेन के सभी कोच में स्पीकर लगे रहेंगे, जिससे श्रद्धालु अपनी बर्थ पर बैठे हुए भी भजन-कीर्तन सुन सकें।पानी, चाय, नाश्ता, लंगर एवं आवश्यक दवाइयों की फस्र्ट एड किट की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी।