38 आत्मसर्पित नक्सलियों ने बताया कैसे होती है नक्सलियों की ट्रेनिंग और मुठभेड़

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00 छत्तीसगढ़ी फिल्म माटी के पोस्टर का हुआ विमोचन, 31 अक्टूबर को होगी रिलीज
रायपुर। नक्सलियों के बीच प्रेम होता है यह देखने के लिए हमें 31 अक्टूबर तक का इंतजार करना पड़ेगा, इस दिन छत्तीसगढ़ी फिल्म माटी रिलीज होने वाली है। जिसमे हमें बस्तर की हरी-भरी वादियों के साथ वहां के लोग नक्सली हिंसा के कितने पीडि़त और दुख में रह रहे है यह सब तो देखने को मिलेगा ही इसके साथ ही इस फिल्म में 38 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने भी काम किया जो फिल्म की शूटिंग के दौरान निर्माता और डायरेक्टर को बताया कि उन्हें किस तरह की ट्रेनिंग और मुंठभेड़ के लिए तैयार किया जाता है। फिल्म माटी के कलाकार आज राजधानी रायपुर पहुंचे जहां उन्होंने रायपुर प्रेस क्लब में फिल्म का पोस्टर विमोचन किया। इस अवसर पर निर्माता व निर्देशक, सतीष जैन, निर्माता मनोज वर्मा, रॉकी दासवानी, पूरन गिरी, फिल्म के कथा व निर्माता सम्पत झा, पटकथा, छायांकन, संपादन व निर्देशक अविनाश प्रसाद, नायिका भूमिका, अभिनेता मनोज ठाकुर, कॉमरेड दक्षिण डिवीजन का लीड रोल कर रहे श्रीधर, पूर्व का लीड रोल कर रहे संतोष, राजेश महंती के अलावा अन्य कलाकार मौजूद थे।
निर्देशक अविनाश प्रसाद ने बताया कि एक समय कुछ कलाकारों ने नक्सलियों द्वारा बम विस्फोट और मुंठभेड़ की शूटिंग करने से इंकार कर दिया तब 38 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने मोर्चा सम्हाला और उन्होंने बताया कि किस तरह से उन्हें बम विस्फोट करने के लिए ट्रेनिंग और मुठभेड़ के समय कैसी तैयारी करना है यह सब सिखाया जाता है। उन्हीं नक्सलियों की बदौलत उन्होने बम विस्फोट और पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की शूटिंग की है। फिल्म का पहला लूक लांच किया गया जिससे यह पता चलता है कि यह फिल्म कामरेड भीमा और ग्रामीण लड़की उर्मिला की कहानी है जिसमें यह बताया कि कि एक आम लड़की कैसे नक्सली से प्रेम कर बैठती है और फिर वह नक्सली बन जाती है और एक बड़ी नक्सली वारदात को दोनों मिलकर अंजाम देते है। फिल्म की शूटिंग सुकमा जिले के घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के साथ ही जगरगुण्ड़ा की खूबसूरत वादियों में की गई है। फिल्म 1 घंटा 23 मिनट का है जिसमें 7 गाने है और एक गाना तो आम दर्शकों को समझ भी नहीं आएगा सिर्फ वे कलाकारों के द्वारा फिल्माए गए सीन से ही समझ सकते है।