करणीकृपा पॉवर प्लांट में घटित हुई 4 दुर्घटनाओं में एक दुर्घटना उपकरण विफलता के कारण हुई – मंत्री देवांगन
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00 निकलने वाले धुंए और औद्योगिक अपशिष्ट से आसपास की धान की फसलें काली और क्षतिग्रस्त होने जैसी स्थिति नहीं है
रायपुर। प्रश्नकाल के दौरान मंगलवार को विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने महासमुंद के मेसर्स करणीकृपा पॉवर प्लाट में दुर्घटनाओं में मृत मजदूरों के परिवारों को प्रदत्त सहायता राशि दिए जाने का मामला उठाया। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि मेसर्स करणीकृपा पॉवर प्राईवेट लिमिटेड, ग्राम-खैरझिटी एवं कौवाझर, तहसील एवं जिला-महासमुंद (छ.ग.) में स्थापना वर्ष 2023 से दिनांक 24.06.2025 तक घटित 4 दुर्घटनाओं में कुल 05 श्रमिकों की मृत्यु हुई है। उक्त दुर्घटनाओं में मृत्यु का कारण संलग्न प्रपत्र अनुसार है। हाँ, उक्त 04 औद्योगिक दुर्घटनाओं में 01 दुर्घटना उपकरण विफलता के कारण हुई है। इन मजदूरों की मृत्यु के संबंध में किसी भी प्रकार की जांच समिति का गठन नहीं किया गया है। मृत श्रमिकों के आश्रितों को प्रदाय की गयी सहायता राशि की जानकारी संलग्न प्रपत्र अनुसार है। विभाग द्वारा कारखाने में मृत श्रमिक के आश्रितों को सहायता राशि प्रदाय नही किया गया है। जी हाँ, मेसर्स करणीकृपा पॉवर प्राईवेट लिमिटेड, ग्राम-खैरझिटी एवं कौवाझर, तहसील एवं जिला महासमुंद (छ.ग.) द्वारा कारखाना अधिनियम, 1948 के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है, जिसकी जांच कारखाने में निरीक्षण के दौरान की जाती है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा जानकारी दी गयी है कि, उद्योग के द्वारा पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के प्रावधानों का पालन किया जा रहा है। जी हाँ, कारखाने द्वारा कराए गए सेफ्टी ऑडिट की रिपोर्ट विभाग के पास उपलब्ध है एवं छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा जानकारी दी गयी है कि, उद्योग को भारत सरकार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा ई.आई.ए. अधिसूचना, 2006 (यथा संशोधित) के तहत जारी पर्यावरणीय स्वीकृति पत्र में पर्यावरणीय आडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करने की शर्त निहित नहीं है।
उद्योग मंत्री ने विधायक सिन्हा द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में सदन को बताया कि छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा जानकारी दी गयी है कि, कार्यालय उप संचालक कृषि, महासमुंद से प्राप्त जानकारी अनुसार किसानो द्वारा उत्पादित धान को वहां के राइस मिलर्स द्वारा औद्योगिक अपशिष्ट पदार्थ से नुकसानित धान को खरीदने से इंकार नहीं किया गया है अथवा किसी प्रकार की शिकायत किसानो से प्राप्त नहीं हुई है। अत: प्रश्नाधीन क्षेत्र में मेसर्स करणीकृपा पावर प्राईवेट लिमिटेड से निकलने वाले धुंए और औद्योगिक अपशिष्ट से आसपास की धान की फसलें काली और क्षतिग्रस्त होने जैसी स्थिति नहीं है। अत: किसी कार्यवाही अथवा मुआवजा का प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।
