नागरिकों को संपत्ति कर में राहत देने महापौर मधुसूदन ने लिया  निर्णय

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*महापौर के निर्णय पर  कैट संगठन ने जताया आभार*
राजनांदगांव। शहरवासियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। नगर निगम द्वारा संपत्ति कर में की गई बढ़ोतरी को लेकर उठ रहे विरोध और जनआक्रोश के बीच माननीय महापौर मधुसूदन ने सकारात्मक पहल करते हुए संपत्ति कर में कमी करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से आम जनता और व्यापारी वर्ग को काफी राहत मिली है।
*जनभावना का सम्मान, महापौर का बड़ा निर्णय
संपत्ति कर बढ़ोतरी को लेकर शहर में लगातार उठ रही आवाजों को गंभीरता से लेते हुए महापौर ने पुनर्विचार कर राहत देने का निर्णय लिया। इसे जनता और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद और संवेदनशील नेतृत्व का उदाहरण माना जा रहा है।
*मध्यमवर्ग और व्यापारियों को बड़ी राहत*
कर में कमी से सबसे ज्यादा लाभ मध्यमवर्गीय परिवारों और छोटे व्यापारियों को मिलेगा, जो बढ़ी हुई दरों से परेशान थे। इस निर्णय के बाद लोगों में संतोष का माहौल देखने को मिल रहा है।
*कैट व्यापारी संगठन ने जताया आभार*


कैट (Confederation of All India Traders) से जुड़े व्यापारियों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए महापौर के प्रति आभार व्यक्त किया है।कैट के राजू डागा ने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह जनहित में है और इससे व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
कैट के प्रदेश संरक्षक अनिल बरडिया, जिला अध्यक्ष राजू डागा सहित संजय तेजवानी, भावेश अग्रवाल, संजय लड्ढा, अमित खंडेलवाल, अशोक पांडे सूरज बुद्धदेव सागर चितलंगिया एवं लक्ष्मण लोहिया ने भी महापौर के इस कदम की सराहना करते हुए इसे “जनभावनाओं का सम्मान” बताया।
*सकारात्मक संवाद से निकला समाधान*
इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित किया है कि जब प्रशासन जनता की बात सुनता है और समय पर निर्णय लेता है, तो विवाद की स्थिति भी समाधान में बदल जाती है।कैट संगठन के प्रवक्ता लक्ष्मण लोहिया ने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशील निर्णय ही सुशासन की पहचान होते हैं। संवाद और सहयोग से हर समस्या का समाधान संभव है।