गुजरात में पूल टूटने से 10 की मौत 5 से अधिक घायल

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वडोदरा(गुजरात)। बुधवार की सुबह महिसागर नदी पर वडोदरा और आणंद को जोड़ने वाला गंभीरा पुल के एकाएक टूटने से 10 लोगों के मारे जाने की खबरें मिली हैं वहीं 5से अधिक लोग घायल हुए हैं। नदी में और भी लोगों के डूबने की आशंका जताई जा रही ही है। सूचना मिलने पर जिला कलेक्टर ने तत्काल रेस्क्यू शुरु कर दिया  है। जिस समय यह हादसा हुआ उस वक्त पुल पर अनेक वाहनों की आवाजाही चल रही थी। जो वाहन इसकी जद में आये वे पुल के साथ ही नदी में बह गए। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

प्राप्त समाचारों के यह हादसा बुधवार सुबह,7.30 बजे का बताया जा रहा है। पादरा के पुलिस निरीक्षक विजय चरण ने बताया कि सुबह करीब 7.30 बजे महिसागर नदी पर बने पुल का एक हिस्सा ढह गया उस समय पूल पर बड़े वाहनों की आवाजाही शुरू हो चुकी थी। हालांकि इस घटना में कितने लोग नदी में गिरे। इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन बताया जा रहा है कि दो ट्रक, कार, दोपहिया वाहन समेत 5 वाहन नदी में समा गए। 4-5 गाड़ियां नदी में बह गईं इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। वडोदरा के कलेक्टर अनिल धमेलिया ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन आज सुबह ही शुरू हो गया था। स्थानीय तैराकों के साथ नगरपालिका की टीम फौरन मौके पर पहुंची, अब तक 10 शव बरामद किए जा चुके हैं। गंभीरा पुल महिसागर नदी पर बना था, जो वडोदरा और आणंद को आपस में जोड़ता था।

जानकारी के मुताबिक यह बात सामने आई है कि सौराष्ट्र से आने वाले बड़े वाहन टोल टैक्स से बचने के लिए इस पुल का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, वडोदरा कलेक्टर के अनुसार, यातायात के लिए फिलहाल कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं कराया गया है। महिसागर नदी पर बना यह पुल 43 साल पहले बनाया गया था। गंभीरा पुल को सुसाइड पॉइंट के नाम से भी जाना जाता है। इसे मरम्मत की ज़रूरत थी, लेकिन उसकी मरम्मत नहीं हुई। पुल के बगल में एक नया पुल बनाने की योजना बनाई गई है।

नए पुल को मंज़ूरी मिलने के बावजूद इसका काम शुरू नहीं हुआ है। मानसून शुरू होने से पहले भी कोई सतर्कता नहीं दिखाई गई। पुल जर्जर होने के बावजूद इसे यातायात के लिए बंद नहीं किया गया।आरोप है कि पुल लंबे समय से हिल रहा था और लगातार इसकी शिकायत की जा रही थी। लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया और वक्त रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई।