Forest department takes major action against the sale of wild boar meat, 14 kg meat seized
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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम द्वारा वन क्षेत्रों में अवैध कटाई, अतिक्रमण, शिकार और उत्खनन पर रोक लगाने के लिए लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। प्रबंध संचालक श्री प्रेमकुमार के निर्देश पर प्रदेश के सभी परियोजना मंडलों में नियमित गश्त और निगरानी की जा रही है। इसका सकारात्मक असर वन सुरक्षा पर दिखाई दे रहा है।
कोटा परियोजना मंडल, बिलासपुर के परिक्षेत्र भैंसाझार अंतर्गत रतनपुर के जूनाशहर क्षेत्र में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जंगली सूअर के मांस की अवैध बिक्री का मामला पकड़ा है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कल 17 मई को वार्ड क्रमांक 15, जूनाशहर निवासी सूरज मरावी के घर पर दबिश दी गई। तलाशी वारंट जारी होने के बाद वन विभाग, पुलिस बल, स्थानीय पार्षद, पंचगण एवं आसपास के लोगों की उपस्थिति में घर की तलाशी ली गई। कार्रवाई के दौरान 14 किलोग्राम संदिग्ध मांस बरामद किया गया, जिसे वन विभाग ने मौके पर जब्त कर लिया। इस मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। जब्त मांस के नमूनों को लैब परीक्षण के लिए सुरक्षित रखा गया, जबकि शेष मांस को केंद्रीय रोपणी भैंसाझार में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में सुरक्षित तरीके से नष्ट किया गया।
यह कार्रवाई क्षेत्रीय महाप्रबंधक श्री अभिषेक सिंह एवं मंडल प्रबंधक श्री सत्यदेव शर्मा के मार्गदर्शन में परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी श्री वैभव साहू के नेतृत्व में की गई। अभियान में वन विभाग के अधिकारियों, क्षेत्ररक्षकों और सुरक्षा कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
प्रबंध संचालक श्री प्रेमकुमार ने वन अपराध के खिलाफ तत्परता से कार्रवाई करने वाली टीम की सराहना करते हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इसी तरह सजग रहकर वन एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वन सुरक्षा और संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों के योगदान का उल्लेख उनके गोपनीय प्रतिवेदन में भी किया जाएगा।
