कोंडागांव जिले को दोहरी उपलब्धि: माकड़ी और फरसगांव सीएचसी राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों में प्रमाणित
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कोंडागांव। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के क्षेत्र में कोंडागांव जिले ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जिले के फरसगांव और माकड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स (एनक्यूएएस) के तहत राष्ट्रीय प्रमाणन प्राप्त हुआ है। फरसगांव सीएचसी इस गौरव को प्राप्त करने वाला जिले का पहला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बना है, जबकि सुदूर आंतरिक आदिवासी क्षेत्र में स्थित माकड़ी सीएचसी जिले का दूसरा और आकांक्षी ब्लॉक का पहला प्रमाणित केंद्र बनकर उभरा है।
केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त राष्ट्रीय मूल्यांकनकर्ताओं की टीम ने दोनों स्वास्थ्य केंद्रों का दो दिवसीय गहन निरीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, मरीजों को दी जा रही सुविधाएं, स्वच्छता, प्रबंधन व्यवस्था और निर्धारित प्रोटोकॉल के पालन का विस्तृत आकलन किया गया। दोनों केंद्रों ने सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह प्रमाणन हासिल किया। इस उपलब्धि में वहां कार्यरत डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की समर्पित मेहनत का अहम योगदान रहा। कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना के नेतृत्व में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. के. चतुर्वेदी तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. भावना महलवार ने प्रशासनिक समन्वय को मजबूत बनाए रखा।
साथ ही यूनिसेफ छत्तीसगढ़ की तकनीकी टीम ने स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में लगातार सहयोग प्रदान कर दोनों केंद्रों को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया। संभागीय, जिला एवं ब्लॉक स्तर की टीमों, बीएमओ, जिला सलाहकारों, प्रोग्राम मैनेजर्स और नर्सिंग स्टाफ की सक्रिय सहभागिता ने भी इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त उप स्वास्थ्य केंद्र अनतपुर, भाकरा, किंवाइबलेगा, देवखारगांव और केरावाही भी एनक्यूएएस प्रमाणित हो चुके हैं।
