पत्नी की गवाही से पति को मिली आजीवन कारावास की सजा
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जगदलपुर। जिला एवं सत्र न्यायालय के प्रधान सत्र न्यायाधीश ने हत्या के आरोपी हरी बघेल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मामले की सुनवाई में न्यायालय ने शुक्रवार को हत्या के आरोपी हरि बघेल को दोषी पाते हुय भा.द.सं. की धारा 450 में 5 वर्ष के कठोर कारावास एवं 100 रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया जाता है, अर्थदण्ड राशि अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कठोर कारवास भुगतना होगा तथा धारा-324 भा.द.सं. में दोषी ठहराते हुये उसे एक वर्ष के कठोर कारावास तथा 100रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया जाता है, अर्थदण्ड राशि अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कठोर कारवास भुगतना होगा। साथ ही धारा 302 भा.द.सं. में आजीवन कारावास तथा 100 रूपये के अर्थदण्ड की सजा तथा अर्थदण्ड व्यक्तिक्रम की दशा में एक माह के अतिरिक्त कठोर करावास की सजा भुगताये जाने की सजा से दंडित किया गया।
शासन की ओर से पैरवी कर रहे लोक अभियोजक के अनुसार घटना दो वर्ष पूर्व कोड़ेनार थाना क्षेत्र की है। आरोपी हरि बघेल पिता-दशरू बघेल, निवासी-ग्राम-छोटेकड़मा कोटवारपारा के विरुद्ध थाना कोड़ेनार में धारा-450, 324, 302 भारतीय दण्ड संहिता भादवि के तहत मामला पंजीबद्ध कर न्यायालय में मामला दाखिल किया। मूल साक्षी आरोपी की पत्नि मृतिका की छोटी बहन जो घटना का प्रत्यक्षदर्शी थी। उसने न्यायालय में बताया कि आरोपी मेरे पति हरि बघेल दो वर्ष पूर्व उसकी बहन रैमती बघेल ग्राम कड़मा में अपनी मां के घर में खाना बना रहे थे। इसी दौरान उसका पति हरी बघेल लोहे का धारदार टंगिया लेकर मेरे दीदी के घर में घुस गया और यह कहते हुये कि तुम मेरी पत्नी को भड़काती हो और सिखाती हो, इसलिए हम दोनो पति-पत्नी के बीच विवाद होता है, आज तुझे नहीं छोडूगा, जान से मार दूंगा कहकर लोहे की टंगिया से प्राणघातक हमला से मृतिका रैमती की मृत्यु हो गई ।
