नारायणपुर पुलिस लाइन में बलीदानी चार जवानों को दी गई अंतिम सलामी
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नारायणपुर। कांकेर जिले के छोटे बेठिया थाना क्षेत्र अंर्तगत कांकेर और नारायणपुर जिले की सीमा पर हुए एक दर्दनाक आईईडी विस्फोट में 3 डीआरजी जवान एवं एक बस्तर फाइटर का जवान बलीदान हो गए थे। आज रविवार को नारायणपुर पुलिस लाइन में बलीदानी चार जवानों को पूरे सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई। बस्तर आईजी सुंदरराज पी. सहित पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में आज जवानों के पार्थिव शरीर को उनके गृहग्राम रवाना किया गया। फिलहाल धमाके के सही कारण का पता लगाने के लिए बैलिस्टिक और फोरेंसिक जांच की जा रही है।
रविवार को जब बलीदानी जवानों के पार्थिव शरीर नारायणपुर पुलिस लाइन लाए गए, तो माहौल गमगीन हो गया। तिरंगे में लिपटे वीर जवानों को अंतिम सलामी दी गई। अंतिम श्रद्धांजलि के बाद बलिदानियों के पार्थिव शरीर उनके गृह ग्रामों के लिए रवाना किए गए, जहां पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
गौरतलब यह है कि छत्तीसगढ़ में 31 मार्च को नक्सलवाद की समाप्ति की घोषणा के बाद बारूदी सुरंग विस्फोट में जवानों की मौत की यह पहली घटना है। राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, खासकर बस्तर क्षेत्र के जंगलों में नक्सलियों ने पूर्व में बड़ी संख्या में बारूदी सुरंगें बिछाई थीं, जो अब भी वहां तैनात सुरक्षाबलों और ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। शनिवार को डीआरजी की एक टीम नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी का पता लगाने और बारूदी सुरंगों को निष्क्रिय करने का अभियान चला रही थी, इसी ऑपरेशन के दौरान आईईडी विस्फोट हो गया। इस विस्फोट की चपेट में आने से चार जवान बलीदान हो गए थे। इस घटना में दल का नेतृत्व कर रहे डीआरजी के निरीक्षक सुखराम वट्टी, जिला बल के आरक्षक कृष्णा कुमार कोमरा एवं आरक्षक संजय गढ़पाले ने मौके पर ही बलीदान हो गये, वहीं बस्तर फाइटर्स के एक आरक्षक परमानंद कोर्राम ने इलाज के दौरान बलीदान हो गये।
