हाईकोर्ट ने जारी किया अटल बिहारी विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव और कार्यपरिषद के सभी सदस्यों को अवमानना नोटिस
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बिलासपुर। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय और डी.पी. विप्र महाविद्यालय के बीच स्वायत्तता (ऑटोनॉमस) को लेकर चल रहा विवाद अब और गहरा गया है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय के कुलपति ए.डी.एन. बाजपेई, कुलसचिव और कार्यपरिषद के सभी सदस्यों को अवमानना नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई डी.पी. विप्र महाविद्यालय की स्वायत्तता के मामले में हाईकोर्ट के आदेशों की कथित तौर पर अवहेलना करने के लिए की गई है। हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय को आदेश दिया था कि डीपी विप्र कॉलेज को यूजीसी से मिली स्वायत्तता के संबंध में वह नोटिफिकेशन जारी करे। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को दो हफ्ते का समय दिया है, जिसमें उन्हें अपने जवाब दाखिल करने होंगे।
डी.पी. विप्र महाविद्यालय लंबे समय से अपनी स्वायत्तता को लेकर अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय से कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। इस मामले में हाईकोर्ट की सिंगल और डबल बेंच ने पहले ही विश्वविद्यालय के खिलाफ फैसला सुनाया था। इसके बावजूद, विश्वविद्यालय के कुलपति ने कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं किया। महाविद्यालय का आरोप है कि कुलपति ने जानबूझकर कोर्ट की अवमानना की है। महाविद्यालय ने अपनी याचिका में न सिर्फ कुलपति, बल्कि कुलसचिव और कार्यपरिषद के सभी सदस्यों को भी इस अवमानना का दोषी बताया है। हाईकोर्ट ने इस याचिका को स्वीकार करते हुए सभी पक्षों को नोटिस जारी किया और दो हफ्ते के भीतर जवाब देने का आदेश दिया है। डी.पी. विप्र महाविद्यालय का कहना है कि विश्वविद्यालय का रवैया न सिर्फ उनके हितों के खिलाफ है, बल्कि यह कोर्ट की गरिमा को भी चुनौती देता है। दूसरी ओर, विश्वविद्यालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
