घरेलू उपभोक्ताओ को लगा बिजली का झटका, 10 पैसे प्रति यूनिट से 20 पैसे प्रति यूनिट की हुई वृद्धि

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00 नई दरें 1 जुलाई से लागू होंगी
रायपुर। प्रदेशवासियों को 1 जुलाई से बिजली का झटका लगने जा रहा है। वर्ष 2025-26 के लिए बिजली की नई दरें आज घोषित कर दी गई है। विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष हेमंत वर्मा ने शुक्रवार की दोपहर नई दरों की घोषणा कर दी जो 1 जुलाई से लागू हो गई है। जिसमें घरेलू उपभोक्ताओं को तगड़ा झटका लगा है विद्युत कंपनी 10 पैसे प्रति यूनिट से 20 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि कर दी है, वहीं कृषि पम्पों के लिए विद्युत की दरों में 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। आयोग ने वर्तमान प्रचलित दरों में औसत 13 पैसे की वृद्धि मंजूर किया है।
नियामक आयोग के अध्यक्ष हेमंत वर्मा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य की बिजली दरों में औसतन 1.89 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी है। यह नई दरें 1 जुलाई 2025 से लागू हो चुकी हैं। आयोग ने यह निर्णय राज्य की बिजली उत्पादन, पारेषण, वितरण कंपनियों और भार प्रेषण केंद्र की वार्षिक राजस्व आवश्यकता के विस्तृत मूल्यांकन के बाद लिया। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन, पारेषण, वितरण कम्पनी लिमिटेड एवं छत्तीसगढ़ राज्य भार प्रेषण केन्द्र के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु वार्षिक राजस्व आवश्यकता एवं उपभोक्ताओं हेतु विद्युत दरों का निर्धारण राज्य विद्युत वितरण कंपनी के राजस्व आवश्यकता की पूर्ति -आयोग द्वारा राज्य की विद्युत कंपनियों के विगत वर्षों के राजस्व घाटा तथा राजस्व आधिक्य पर विचारोपरान्त वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विद्युत वितरण कंपनी द्वारा मांग की गई वार्षिक राजस्व आवश्यकता रू. 28397.64 करोड़ के स्थान पर रू. 25636.38 करोड़ मान्य किया गया है। वितरण कंपनी द्वारा आगामी वित्तीय वर्ष हेतु अनुमानित विद्युत विक्रय 35727 मिलियन यूनिटं के स्थान पर 36540 मिलियन यूनिट मान्य किया गया है। इसी तरह वितरण कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विद्युत की अनुमानित बिक्री पर प्रचलित टैरिफ से अनुमानित रु.4947.41 करोड़ राजस्व घाटे के स्थान पर रू.523.43 करोड़ मान्य किया गया है।
औसत विद्युत प्रदाय दर एवं औसत विद्युत बिलिंग दर –
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए औसत विद्युत प्रदाय दर (आपूर्ति की औसत लागत) रू.7.02 प्रति यूनिट अनुमानित की गई है। आयोग द्वारा वर्तमान टैरिफ आदेश में लिए गए निर्णयों के फलस्वरूप औसत विद्युत बिलिंग दर रू.7.02 प्रति यूनिट अनुमानित है। तदनुसार वर्तमान प्रचलित दर से विद्युत दरों में औसत 1.89 प्रतिशत की वृद्धि अनुमोदित की गई है। जारी की जा रही नई विद्युत दरें जो कि संलग्नक-1 और संलग्नक-2 में उपलब्ध है, जो कि 1 जुलाई, 2025 से प्रभावशील होंगी।
वर्तमान आदेश के मुख्य बिन्दु :-
घरेलु उपभोक्ता
घरेलू उपभोक्ताओं के विद्युत दरों में 10 पैसे प्रति यूनिट से 20 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। गौशाला, शासन द्वारा अधिसूचित बस्तर एवं दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्रधिकरण तथा सरगुजा एवं उत्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में आने वाले स्टे-होम्स में प्रयुक्त होने वाली विद्युत पर घरेलू विद्युत दर लागू करने हेतु घरेलू उपभोक्ता श्रेणी (एलवी-1) में सम्मिलित किया गया है। घरेलु उपभोक्ता श्रेणी के अन्तर्गत लिए गए अस्थाई कनेक्शन पर नार्मल टैरिफ का 1.5 गुना टैरिफ के स्थान पर नार्मल टैरिफ का 1.25 गुना टैरिफ लागू किया गया है।
गैर घरेलू उपभोक्ता
गैर घरेलू उपभोक्ताओं के विद्युत दरों में 25 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। आफसेट प्रिन्टर्स एवं प्रिंटिंग प्रेस उपभोक्ताओं को एलवी-2 से हटाकर एलवी-5 श्रेणी में सम्मिलित किया गया है। गैर घरेलु उपभोक्ता श्रेणी के अन्तर्गत लिए गए अस्थाई कनेक्शन पर भी नार्मल टैरिफ का 1.5 गुना टैरिफ के स्थान पर नार्मल टैरिफ का 1.25 गुना टैरिफ लागू किया गया है। राज्य शासन द्वारा अधिसूचित वाम चरमपंथी प्रभावित जिलों में संचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु मोबाईल टॉवर की स्थापना को प्रोत्साहित करने हेतु इन क्षेत्रों में आने वाले सभी मोबाईल टॉवरों को ऊर्जा प्रभार में 10 प्रतिशत की छूट का प्रावधान किया गया है।
कृषि एवं कृषि संबंधी उपभोक्ता
कृषि पम्पों के लिए विद्युत की दरों में 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। गैर सबसिडी वाले कृषि विद्युत पंप वाले उपभोक्ताओं को ऊर्जा प्रभार में 20 प्रतिशत की छूट को बढाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है। किसानों को खेतों में लगे विद्युत पम्पों और खेतों की रखवाली के प्रयोजनार्थ पम्प कनेक्शन के अंतर्गत वर्तमान में पम्प के समीप 100 वॉट के भार उपयोग की सुविधा प्रभावशील है। किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए आयोग द्वारा 100 वॉट तक लाईट एवं पंखे की स्वीकृति जारी रखी गई है।
निम्नदाब उपभोक्ता
निम्नदाब की एलवी-1, एलवी-2, एलवी-5, एलवी-6 और एलवी-7 श्रेणियों के 10 किवों भार से अधिक भार के उपभोक्ताओं पर टॉड टैरिफ लागू करते हुए ऑफ पीक ऑवर (प्रात: 9 बजे से सांय 5 बजे तक) टैरिफ में 5 प्रतिशत की छूट एवं पीक ऑवर (सांय: 5 बजे से रात्रि 11 बजे तक) टैरिफ में 5 प्रतिशत का अधिभार लगाया गया है। निम्नदाब श्रेणियों पर लागू होने वाले न्युनतम बिलिंग डिमाण्ड को 80 प्रतिशत से बढ़ाकर 85 प्रतिशत किया गया है। आयोग द्वारा निम्नदाब कनेक्शनों में दिए जा रहे भार की सीमा को 112.5 कि. वॉ. (150 एच.पी.) को बढ़ाकर 150 कि. वॉ. (200 एच.पी.) किया गया था। वर्तमान टैरिफ आदेश में पूर्व में 112.5 कि.वॉ. (150 एच.पी.) भार तक लागू होने वाले टैरिफ को 150 कि. वॉ. (200 एच.पी.) भार तक लागू किया गया है। ऐसे निम्नदाब उपभोक्ता जिनकी बिलिंग स्मार्ट मीटर द्वारा प्री-पेड मोड में हो रही है उन्हें ऊर्जा प्रभार में 1.5 प्रतिशत की छूट देने का प्रावधान किया गया है। निम्नदाब पर अक्षय ऊर्जा के ओपन ऐक्सेस को बढ़ावा देने के लिए वर्तमान टैरिफ आदेश में व्हीलिंग चार्ज का निर्धारण करते हुए ऐसे ओपन ऐक्सेस पर 10 प्रतिशत का व्हीलिंग लास निर्धारित किया गया है।
पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए इलेक्ट्रीकल व्हीकल चार्जिंग इकाईयों हेतु इलेक्ट्रीकल व्हीकल चार्जिंग की टैरिफ को औसत विद्युत लागत के बराबर अर्थात् रू.7.02 प्रति यूनिट निर्धारित किया गया है। महिला सशक्तिकरण हेतु पंजीकृत महिला स्वसहायता समूहों द्वारा संचालित उद्योग_गतिविधिय और व्यवसायिक गतिविधियों को ऊर्जा प्रभार में 10 प्रतिशत की छूट जारी रखी गई है। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों, बस्तर एवं दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्रधिकरण तथा सरगुजा एवं उत्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण में संचालित अस्पताल, नर्सिंग होम एवं डायग्नोस्टिक सेंटर के लिए प्रचलित विद्युत दरों के ऊर्जा प्रभार में दी जा रही 5 प्रतिशत की छूट को जारी रखा गया है। एलवी-5 श्रेणी के अन्तर्गत आने वाले पोहा एवं मुरमुरा मिल को ऊर्जा प्रभार में 5 प्रतिशत की छूट को बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। बायोमॉस ब्रिकेट्स यूनिट को एलवी-5 श्रेणी में सम्मिलित किया गया है।
उच्चदाब उपभोक्ता
पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए इलेक्ट्रीकल व्हीकल चार्जिंग इकाईयों हेतु इलेक्ट्रीकल व्हीकल चार्जिंग की टैरिफ को औसत विद्युत लागत के बराबर अर्थात रू.6.32 प्रति केव्हीएएच निर्धारित किया गया है। स्टैण्ड अलोन स्टोन क्रशर, मिक्सर एवं स्टोन क्रशर सह-मिक्सर उद्योग को एचवी-2 से हटाकर एचवी-3 श्रेणी में सम्मिलित किया गया है। लांगटर्म एवं मिडियम टर्म ओपन ऐक्सेस लेने वाले सौर ऊर्जा उत्पादकों पर नॉर्मल ट्रसमिशन चार्जेस का 33 प्रतिशत चार्ज ही लागू होगा। “आयरन वाशरी / बेनिफिकेशन’ को उद्योगों को एचवी-4 से हटाकर एचवी-2 श्रेणी में सम्मिलित किया गया है।
सरगुजा एवं बस्तर प्राधिकरण क्षेत्र में आने वाले एचवी-4 उपभोक्ता श्रेणी के 132 केही से अधिक वोल्टेज पर जुड़े उपभोक्ताओं को ऊर्जा प्रभार में 10 प्रतिशत की विशेष छूट का प्रावधान किया गया है। इन्ही क्षेत्रों में आने वाले एचवी-4 उपभोक्ता श्रेणी के 132 केव्ही एवं इससे कम वोल्टेज पर जुड़े उपभोक्ताओं को ऊर्जा प्रभार में 5 प्रतिशत की विशेष छूट का प्रावधान किया गया है। उच्चदाब की एचवी-5, एचवी-6, एचवी-8, एचवी-9 ड्डठ्ठस्र एचवी-11 श्रेणियों पर भी दिनांक 01/09/2025 से ञ्जह्रष्ठ टैरिफ लागू करने का प्रावधान किया गया है। 11 केव्ही एवं 33 केव्ही के कनेक्शनों को 30 घण्टे पॉवर आफ ऑवर प्रतिमाह को विस्तारित करते हुए इसे 132 केव्ही एवं 220 केव्ही पर भी लागू किया गया है। कैप्टिव पॉवर प्लान्ट पर लागू होने वाले पैरेलल ऑपरेशन चार्जेस को 13 पैसे/यूनिट से बढ़ाकर 15 पैसे / यूनिट कर दिया गया है। रक्षा स्थापना (डिफेंस स्टेब्लिसमेंट) को ऊर्जा प्रभार में 15 प्रतिशत की रियायत जारी रखी गई है।
एचवी-3 श्रेणी के अन्तर्गत आने वाले पोहा एवं मुरमुरा मिल को ऊर्जा प्रभार में 5 प्रतिशत की छूट को जारी रखा गया है।
सभी उच्चदाब स्टील उपभोक्ताओं की विद्युत दरों में 15 पैसे प्रति केव्हीएएच से 30 पैसे प्रति केव्हीएएच की वृद्धि की गई है एवं लागू लोड फेक्टर रिबेट में परिवर्तन करते हुए लोड फैक्टर रिबेट की अधिकतम सीमा 25 प्रतिशत निर्धारित की गई है। एचवी-4 इस्पात उद्योगों को 50 प्रतिशत से 75 प्रतिशत लोड फैक्टर पर लोड फैक्टर रियायत देने का प्रावधान किया गया है। उच्चदाब श्रेणियों पर लागू होने वाले न्युनतम बिलिंग डिमाण्ड को 80 प्रतिशत से बढ़ाकर 85 प्रतिशत किया गया है। बायोमॉस ब्रिकेट्स यूनिट को एचवी-3 श्रेणी में सम्मिलित किया गया है।