युवाओं के सपनों को मिली स्टार्टअप की नई उड़ान
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रायपुर। महंत लक्ष्मीनारायण दास कॉलेज में स्टार्टअप एवं यूथ विषय पर एक प्रभावी एवं ज्ञानवर्धक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्यमिता के प्रति जागरूक करना तथा उनमें नवाचार और समस्या-समाधान की भावना विकसित करना था। कार्यक्रम का आयोजन आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी), संस्था नवाचार परिषद (आईआईसी) एवं वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. देवाशीष मुखर्जी के प्रेरक उद्बोधन से हुआ। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि देश के विकास में स्टार्टअप्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। विद्यार्थियों को वास्तविक समस्याओं की पहचान कर उन्हें अवसर में बदलने की आवश्यकता है। उन्होंने मेक इन इंडिया जैसी पहल का उल्लेख करते हुए युवाओं से नवाचार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढऩे का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत तेजी से विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है तथा बेंगलुरु, पुणे, मुंबई और वडोदरा जैसे शहर स्टार्टअप हब के रूप में उभर रहे हैं।

कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में सी.ए. कांतिलाल जैन एवं सी.ए. नीरज बैद उपस्थित रहे। सी.ए. कांतिलाल जैन ने विद्यार्थियों को अपने कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलने, बाजार की आवश्यकताओं को समझने और बदलती तकनीकों को अपनाकर अपने विचारों को सफल व्यवसाय में परिवर्तित करने के लिए प्रेरित किया।
सी.ए. नीरज बैद ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को नौकरी खोजने के बजाय रोजगार सृजक बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्टार्टअप से संबंधित विभिन्न शासकीय योजनाओं, पंजीकरण प्रक्रिया, कानूनी प्रावधानों, पेटेंट प्रक्रिया, वित्तीय सहायता के साधनों तथा स्टार्टअप के समापन की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने 36 इंच जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्टार्टअप प्रारंभ करने के लिए मार्गदर्शन प्राप्त करने की सलाह दी।

कार्यक्रम में वाणिज्य विभागाध्यक्ष प्रो. शांतनु पॉल, आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. प्रेम चंद्राकर, प्रो. ललित मोहन वर्मा, डॉ. अनुपमा जैन सहित अन्य प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. श्रुति तिवारी द्वारा तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रो. शांतनु पॉल द्वारा प्रस्तुत किया गया।
