भारत ने 6 वीं बार अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब जीता

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नई दिल्ली। वैभव सूर्यवंशी की 175 रनों की तूफानी पारी की बदौलत भारत ने शुक्रवार को अंडर-19 विश्‍व कप 2026 के फाइनल में इंग्‍लैंड को 100 रनों से शिकस्त देकर छठी बार अंडर-19 विश्‍व कप का खिताब अपने नाम कर लिया।

अंडर-19 टीम के खिलाफ 411 रनों का विशाल लक्ष्‍य खड़ा किया। यह इस टूर्नामेंट का सर्वाधिक स्‍कोर था। इससे पहले इंग्‍लैंड ने स्‍कॉटलैंड के खिलाफ 404 रन ठोके थे। 412 रन चेज करने उतरी इंग्‍लैंड टीम 40.2 ओवर में 311 रन पर ढेर हो गई। ।इससे पहले मोहम्मद कैफ (2000), विराट कोहली (2008), उन्मुक्त चंद (2012), पृथ्वी शॉ (2018) और यश ढुल (2022) की कप्‍तानी में भारतीय टीम ने अंडर-19 विश्‍व कप के खिताब पर कब्‍जा जमाया है। अब आयुष म्हात्रे भी इस सूची में शामिल हो गए हैं।

भारतीय कप्‍तान आयुष म्हात्रे ने टॉस जीतकर और पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया । हालांकि, चौथे ही ओवर में एरोन जॉर्ज (9) कैच आउट हो गए। इसके बाद 3 नंबर पर आयुष ने वैभव का साथ दिया। आयुष जहां संभलकर बल्‍लेबाजी कर रहे थे तो वैभव ने अपने चिर-परिचित अंदाज में बल्‍लेबाजी की।
वैभव के बल्ले ने मैदान में छक्‍कों और चौकों की झड़ी लगा दी। वैभव ने महज 80 गेंदों पर 175 रन कूट दिए। इस दौरान वैभव के बल्ले से 15 चौके और 15  छक्के निकले। वैभव ने 32 गेंदों पर अर्धशतक और 55 गेंदों पर शतक लगाया।

भारतीय कप्‍तान आयुष म्‍हात्रे और वैभव ने दूसरे विकेट के लिए 90 गेंदों पर 142 रनों की साझेदारी की। आयुष के आउट होने के बाद आए वेदांत त्रिवेदी (32) और विहान मल्होत्रा (30) ने भी टीम को अहम योगदान दिया। इन फॉर्म विकेटकीपर बल्‍लेबाज अभिज्ञान कुंडू अर्धशतक से चूक गए। उन्‍होंने 31 गेंदों पर 40 रन की पारी खेली। आरएस अंबरीश ने 18 रनों का सहयोग किया।

अंतिम समय में कनिष्‍क चौहान ने अपने हाथ खोले तेजी से रन बनाकर भारत के स्‍कोर 400 के पार पहुंचा दिया। उन्‍होंने 20 गेंदों पर नाबाद 37 रन  बनाए। चौहान ने अपनी इस छोटी पारी में 3 चौके और 1 छक्‍का लगाया। इंग्लैंड की ओर से जेम्स मिंटो के खाते में 3 विकेट आए। वहीं एलेक्स ग्रीन और सेबेस्टियन मॉर्गन को 2-2 सफलताएं मिलीं। 412 रनों के टारगेट को चेज करने उतरी इंग्‍लैंड टीम को 2-3 पार्टनरशिप ही मिलीं। इसके अलावा टीम नियमित अंतराल में विकेट खोती चली गई। 5वें ओवर में जोसेफ मूर्स (17) को अंबरीश ने बोल्‍ड किया। इसके बाद बेन डॉकिन्स और बेन मेस के बीच दूसरे विकेट के लिए 74 रनों की साझेदारी हुई। खिलन पटेन इस पार्टनरशिप को तोड़ा। उन्‍होंने अर्धशतक की ओर बढ़ रहे बेन (45) को हेनिल पटेल के हाथों कैच आउट कराया।

ओपनर बेन डॉकिन्स ने कप्‍तान थॉमस रेव (31) के साथ 49 रन जोड़े। कनिष्‍क चौहान ने इंग्‍लैंड के कप्‍तान को अपने जाल में फंसाया और पवेलियन भेज दिया। इसके बाद इंग्‍लैंड ने कुछ विकेट जल्‍दी गंवा दिए। 21वें और 22वें ओवर में इंग्‍लैंड टीम को 2-2 झटके लगे। बेन डॉकिन्स ने 56 गेंदों पर 66 रन की पारी खेली। राल्फी अल्बर्ट खाता खोले बिना ही रन आउट हुए। 22वां ओवर करने आए दीपेश देवेंद्रन चौथी गेंद पर फरहान अहमद (1) का शिकार किया। ओवर की आखिरी गेंद पर दीपेश ने सेबेस्टियन मॉर्गन (0) को कॉट एंड बोल्‍ड किया। जेम्स मिंटो और कैलेब फाल्कनर के बीच लोअर ऑर्डर में बड़ी साझेदारी देखने को मिली। दोनों ने 80 गेंदें खेलीं और 92 रन बनाए। अंबरीश ने आखिरकार यह साझेदारी तोड़ी। उन्‍होंने मिंटो (41 बॉल, 28 रन) को कैच आउट कराया।

इंग्लैंड की ओर से बल्लेबाज कैलेब फाल्कनर ने अंतिम समय तक किला लड़ाने की कोशिश की और 67 गेंद में 115 रन की तूफानी पारी खेली। लेकिन उनकी यह जुझारू पारी इंग्लैंड को जीत नहीं दिला पाई।