वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष: एम्स रायपुर में भारतीय सेना बैंडों की भव्य देशभक्ति संगीतमय प्रस्तुति
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रायपुर। राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के गौरवपूर्ण अवसर पर भारतीय सेना के प्रतिष्ठित दो सैन्य बैंड—गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर बैंड तथा रिमाउंट एंड वेटरनरी कोर (आरवीसी) सेंटर बैंड—द्वारा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर के सभागार में 23 जनवरी को एक भव्य एवं मंत्रमुग्ध कर देने वाला संगीतमय कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य ‘वंदे मातरम्’ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और देशभक्ति भावना को आम जनमानस तक पहुँचाना तथा स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े मूल्यों को नई पीढ़ी से जोड़ना था। इस अवसर के साथ ही रायपुर शहर में आगामी पाँच दिनों तक आयोजित होने वाले ‘वंदे मातरम्’ विशेष कार्यक्रमों की श्रृंखला का औपचारिक शुभारंभ भी एम्स रायपुर से हुआ। इस श्रृंखला के अंतर्गत भारतीय सेना के सैन्य बैंड शहर के विभिन्न प्रमुख स्थलों पर देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियाँ देंगे।

भारतीय सेना बैंडों की परंपरा अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली रही है। ब्रिटिश काल में आरंभ हुई यह परंपरा स्वतंत्र भारत में और अधिक विकसित हुई तथा आज यह अनुशासन, वीरता, देशभक्ति और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बन चुकी है। सेना बैंड सैन्य परेडों, राष्ट्रीय पर्वों एवं राजकीय समारोहों में अपनी विशिष्ट प्रस्तुतियों के लिए प्रसिद्ध हैं और नागरिकों के बीच राष्ट्रवाद एवं एकता की भावना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
एम्स रायपुर में आयोजित इस प्रस्तुति के दौरान सेना बैंडों ने ‘संदेशे आते हैं’, ‘देश मेरे मेरी जान’, ‘तेरी मिट्टी में मिल जावां’ सहित अनेक लोकप्रिय देशभक्ति गीतों, सैन्य धुनों तथा ‘वंदे मातरम्’ पर आधारित संगीतमय रचनाओं की भावपूर्ण प्रस्तुतियाँ दीं। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों को गहराई तक भाव-विभोर कर दिया और पूरे सभागार को देशभक्ति की भावना से सराबोर कर दिया।

बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम्’ भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान राष्ट्रीय चेतना, आत्मसम्मान और एकता का एक सशक्त प्रतीक बनकर उभरा। वर्ष 2026 में इस ऐतिहासिक रचना के 150 वर्ष पूर्ण होना देश के लिए गर्व और गौरव का विषय है। इस स्मरणीय अवसर पर भारतीय सेना के सहयोग से देशभर में विशेष सांस्कृतिक एवं संगीतमय कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य नागरिकों, विशेषकर युवाओं, को राष्ट्र के इतिहास, मूल्यों और बलिदान की भावना से जोड़ना है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त), कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, रायपुर ने अपने संबोधन में कहा कि एम्स रायपुर में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक संगीतमय आयोजन नहीं, बल्कि स्वास्थ्य संस्थानों, सशस्त्र बलों और समाज के बीच भावनात्मक तथा देशभक्ति संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने का एक सार्थक मंच सिद्ध हुआ है।
यह आयोजन संकाय सदस्यों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, उनके परिवारजनों तथा उपस्थित सभी नागरिकों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहा, जिसने सभी को गहन देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव और एकता की भावना से ओत-प्रोत कर दिया।
