April 27, 2026

रायपुर में माँ गंगा विप्र कल्याण संघ का दीपोत्सव एवं युवक-युवती परिचय सम्मेलन

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रायपुर। माँ गंगा विप्र कल्याण संघ, जिला इकाई रायपुर द्वारा दीपोत्सव के उपलक्ष्य में विप्र परिवार मिलन एवं युवक-युवती परिचय सम्मेलन का भव्य आयोजन विमतारा भवन, शांति नगर, रायपुर में किया गया। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से लगभग 150 विवाह योग्य युवक-युवतियों सहित 450 परिजन सपरिवार शामिल हुए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रि.आईपीएस सुशील द्विवेदी (संचालक, राज्य फोरेंसिक लैब) रहे। आयोजन संघ के संरक्षक स्वामी वेदप्रकाशाचार्य (महंत, लक्ष्मीनारायण मंदिर, रामकुंड) के सानिध्य में सम्पन्न हुआ। मंच पर उपस्थित युवक-युवतियों ने क्रमवार परिचय दिया, जबकि वरिष्ठजनों ने उन्हें आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्रदान किया।
मुख्य अतिथि सुशील द्विवेदी ने अपने उद्बोधन में संयुक्त परिवार प्रणाली के महत्व पर बल देते हुए कहा कि यदि संयुक्त परिवार इसी प्रकार विखंडित होते रहे, तो समाज की संरचना और मूल्य व्यवस्था दोनों प्रभावित होंगे। वर्तमान परिवेश में सप्ताह में कम से कम एक दिन परिवार के सभी सदस्यों को एक साथ बैठकर भोजन अवश्य करना चाहिए। परिवार के सदस्यों में आपसी विश्वास और पारदर्शिता बनी रहे, इसके लिए प्रत्येक सदस्य को एक-दूसरे के मोबाइल का पासवर्ड भी ज्ञात होना चाहिए। आज मोबाइल परिवारों में दूरी बढ़ाने का एक प्रमुख कारण बन गया है, इसलिए परिवार के बीच बैठने के समय उससे दूरी बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि परिवारों में संवाद और सहभागिता बढ़ेगी, तो समाज और भी सशक्त बनेगा।

रायपुर में माँ गंगा विप्र कल्याण संघ का दीपोत्सव एवं युवक-युवती परिचय सम्मेलन इस अवसर पर पूर्व महापौर श्री प्रमोद दुबे, पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री सुभाष तिवारी, अरुण शुक्ला (पूर्व अध्यक्ष, कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज), राजेन्द्र दुबे रायपुर में माँ गंगा विप्र कल्याण संघ का दीपोत्सव एवं युवक-युवती परिचय सम्मेलन हु।
माँ गंगा विप्र कल्याण संघ, जिला इकाई रायपुर द्वारा दीपोत्सव के उपलक्ष्य में विप्र परिवार मिलन एवं युवक-युवती परिचय सम्मेलन का भव्य आयोजन विमतारा भवन, शांति नगर, रायपुर में किया गया। प्रात: 10 बजे से सायं 5 बजे तक चले इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से लगभग 150 विवाह योग्य युवक-युवतियों सहित 450 परिजन सपरिवार शामिल हुए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रि.आईपीएस सुशील द्विवेदी (संचालक, राज्य फोरेंसिक लैब) रहे। आयोजन संघ के संरक्षक स्वामी वेदप्रकाशाचार्य (महंत, लक्ष्मीनारायण मंदिर, रामकुंड) के सानिध्य में सम्पन्न हुआ। मंच पर उपस्थित युवक-युवतियों ने क्रमवार परिचय दिया, जबकि वरिष्ठजनों ने उन्हें आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्रदान किया।
मुख्य अतिथि सुशील द्विवेदी ने अपने उद्बोधन में संयुक्त परिवार प्रणाली के महत्व पर बल देते हुए कहा कि यदि संयुक्त परिवार इसी प्रकार विखंडित होते रहे, तो समाज की संरचना और मूल्य व्यवस्था दोनों प्रभावित होंगे। वर्तमान परिवेश में सप्ताह में कम से कम एक दिन परिवार के सभी सदस्यों को एक साथ बैठकर भोजन अवश्य करना चाहिए। परिवार के सदस्यों में आपसी विश्वास और पारदर्शिता बनी रहे, इसके लिए प्रत्येक सदस्य को एक-दूसरे के मोबाइल का पासवर्ड भी ज्ञात होना चाहिए। आज मोबाइल परिवारों में दूरी बढ़ाने का एक प्रमुख कारण बन गया है, इसलिए परिवार के बीच बैठने के समय उससे दूरी बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि परिवारों में संवाद और सहभागिता बढ़ेगी, तो समाज और भी सशक्त बनेगा।
इस अवसर पर पूर्व महापौर प्रमोद दुबे,पूर्व नेता प्रतिपक्ष सुभाष तिवारी, अरुण शुक्ला (पूर्व अध्यक्ष, कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज), राजेन्द्र दुबे (अध्यक्ष, सनाढ्य ब्राह्मण समाज), राजकुमार शर्मा (अध्यक्ष, पंजाबी ब्राह्मण समाज), श्री कैलाश त्रिपाठी (सरयूपारीण ब्राह्मण समाज), प्रह्लाद मिश्रा (अध्यक्ष, गौड़ ब्राह्मण समाज) सहित अनेक समाजसेवी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
संस्था के मीडिया प्रभारी मनीष मिश्रा ने बताया कि हमारा उद्देश्य समाज को एक मंच पर एकत्रित करना है, और इस आयोजन में हम इसमें सफल रहे हैं। इस बार हमने आधुनिकता को भी अपनाया — विवाह योग्य युवक-युवतियों के बायोडाटा एवं तस्वीरें एलईडी स्क्रीन के माध्यम से प्रदर्शित की गईं। साथ ही जो प्रतिभागी अध्ययन या रोजगार के कारण राज्य या देश से बाहर हैं, उन्हें भी ऑनलाइन माध्यम से जोड़ा गया।
संघ के अध्यक्ष राकेश पांडे ने कहा कि हमारी कोशिश है कि समाज के परिवारों को एक सुरक्षित और विश्वसनीय मंच प्रदान किया जाए, जहाँ वे अपने बच्चों के लिए उपयुक्त जीवनसाथी खोज सकें। इस बार राज्य के लगभग सभी जिलों से परिवारों की सक्रिय उपस्थिति ने इस प्रयास को नई ऊर्जा दी है।
संघ के सचिव ज्ञान प्रकाश द्विवेदी ने बताया कि अब तक हमारे मंच के माध्यम से 150 से अधिक सफल वैवाहिक जोड़े बने हैं। इस वर्ष की सफलता को देखते हुए विश्वास है कि जल्द ही हम 200 के आंकड़े को छूलेंगे। इस आयोजन में ज्योतिष परामर्श की भी सुविधा दी गई, जिसका प्रतिभागियों द्वारा उत्साहपूर्वक स्वागत हुआ।
कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला संरक्षक राघवेंद्र (बबलू) पांडे,अध्यक्ष प्रमोद शुक्ला,सचिव त्रिभुवन नाथ तिवार कोषाध्यक्ष अनिल पांडे, जिला कार्यकारिणी के अन्य सदस्यों* की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही।
दीप प्रज्वलन, भक्ति संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सुसज्जित यह आयोजन सामाजिक एकता, पारिवारिक सौहार्द और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण बना।(अध्यक्ष, सनाढ्य ब्राह्मण समाज), राजकुमार शर्मा (अध्यक्ष, पंजाबी ब्राह्मण समाज), कैलाश त्रिपाठी (सरयूपारीण ब्राह्मण समाज), प्रह्लाद मिश्रा (अध्यक्ष, गौड़ ब्राह्मण समाज) सहित अनेक समाजसेवी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
संस्था के मीडिया प्रभारी मनीष मिश्रा ने बताया कि —हमारा उद्देश्य समाज को एक मंच पर एकत्रित करना है, और इस आयोजन में हम इसमें सफल रहे हैं। इस बार हमने आधुनिकता को भी अपनाया — विवाह योग्य युवक-युवतियों के बायोडाटा एवं तस्वीरें एलईडी स्क्रीन के माध्यम से प्रदर्शित की गईं। साथ ही जो प्रतिभागी अध्ययन या रोजगार के कारण राज्य या देश से बाहर हैं, उन्हें भी ऑनलाइन माध्यम से जोड़ा गया।
संघ के अध्यक्ष राकेश पांडे ने कहा कि हमारी कोशिश है कि समाज के परिवारों को एक सुरक्षित और विश्वसनीय मंच प्रदान किया जाए, जहाँ वे अपने बच्चों के लिए उपयुक्त जीवनसाथी खोज सकें। इस बार राज्य के लगभग सभी जिलों से परिवारों की सक्रिय उपस्थिति ने इस प्रयास को नई ऊर्जा दी है।
संघ के सचिव श्री ज्ञान प्रकाश द्विवेदी ने बताया कि, अब तक हमारे मंच के माध्यम से 150 से अधिक सफल वैवाहिक जोड़े बने हैं। इस वर्ष की सफलता को देखते हुए विश्वास है कि जल्द ही हम 200 के आंकड़े को छूलेंगे। इस आयोजन में ज्योतिष परामर्श की भी सुविधा दी गई, जिसका प्रतिभागियों द्वारा उत्साहपूर्वक स्वागत हुआ।
कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला संरक्षक राघवेंद्र (बबलू) पांडे,अध्यक्ष प्रमोद शुक्ला, सचिव त्रिभुवन नाथ तिवारी, कोषाध्यक्ष अनिल पांडे एवं जिला कार्यकारिणी के अन्य सदस्यों की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही। दीप प्रज्वलन, भक्ति संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सुसज्जित यह आयोजन सामाजिक एकता, पारिवारिक सौहार्द और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण बना।