रेल मानचित्र से अब तक अछूते रहे नक्सल प्रभावित सुकमा जिले से गुजरेगी रेललाइन

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सुकमा। देश के रेल मानचित्र से अब तक सुकमा जिला अछूता रहा है, लेकिन छत्तीसगढ़ राज्य गठन के 25 वर्ष बाद अब यहां रेल सेवा शुरू करने की योजना तैयार की जा रही है। तेलंगाना के कोत्तागुड़ेम से दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल को जोडऩे रेललाइन का सर्वे बीते मई के महीने में किया गया है। मई में पहले चरण का सर्वे तो पूरा कर लिया गया है, इसके साथ ही एक संभावित रूट भी तैयार किया गया है। रेल मानचित्र से अब तक अछूते रहे सुकमा जिले में भी अब रेललाइन गुजरेगी और यहां से आदिवासी रेल से सफर भी कर सकेंगे।
तेलंगाना के कोत्तागुड़ेम से दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल तक रेललाइन बिछाने के सर्वे के बाद जो संभावित रूट तय किया गया है, उसमें सुकमा जिले के 8 से ज्यादा गांव आ रहे हैं। कोत्तागुड़ेम से शुरू होकर रेल रूट तेलंगाना के रामचंद्रुनी पेटा, अदावी रामावरम के बाद सुकमा जिले के गांगरेल, गोलापल्ली, भट्टलगुड़ा, पोटकपल्ली, मिनपा, चिंतलनार, नीलमपल्ली, तमोड़ी होते हुए किरंदुल पहुंचेगी। ऐसे में किरंदुल से कोत्तागुड़ेम की दूरी 158.339 किमी होगी। मई में भद्राचलम से सर्वे टीम पहुंची, उन्होंने एक अच्छी और कम दूरी वाली लाइन का सर्वे कर एक संभावित रूट भी तय किया है। इसके बाद अभी सर्वे के और भी चरण होने हैं।
सुकमा कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने बताया कि मई में सर्वे किया गया, जिसके बाद एक संभावित रूट तय किया गया है। अभी कई चरणों में सर्वे बाकी है। फिलहाल पहले चरण का सर्वे ही हो पाया है। ये अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है कि रेल के मानचित्र में सुकमा जिला भी अब शामिल हो जाएगा और अंदरूनी इलाकों में रेल सेवा शुरू होने से आदिवासियों को परिवहन का सुगम और सरल साधन मिल पाएगा। प्रशासन की तरफ से इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।