निको जायसवाल प्रबंधन व माइंस प्रभावितों की बैठक के बाद पुन: माइंस शुरू करने की बनी सहमति

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कांकेर। जिले के अंतागढ जटकन्हार एकलव्य विद्यालय सभागार में माइंस प्रबंधन, जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधी व प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों की आज सोमवार को बैठक हुई । माइंस प्रबंधन की ओर से माइंस उपाध्यक्ष शिवदेव उपाध्याय, कलेक्टर नीलेश महादेव क्षीरसागर, सांसद भोजराज नाग, विधायक विक्रम देव उसेंडी ने प्रभावित क्षेत्र के लोगों की शिकायत को गंभीरता से सुना और वादों के अनुरूप शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार जैसे कार्य कराने कहा। निको जायसवाल माइंस प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीण और प्रबंधन के बीच दो महीने से चल रही तकरार कुछ शर्तों के साथ खत्म हो गई। दोनों पक्षों के बीच हुई बैठक के बाद फिर से माइंस शुरू करने को लेकर सहमति बन गई है। बैठक में तय किया गया कि माइंस प्रबंधन द्वारा सीएसआर और अन्य मदों से पिछले पांच सालों में माइंस प्रभावित क्षेत्र में हुए कामों की जांच एसडीएम से कराई जाएगी। बैठक में तय किया गया कि सीएसआर मद से माइंस प्रभावित क्षेत्र के चारों ओर 15 किमी प्रत्यक्ष और 25 किमी अप्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्र माना में ही काम कराया जाएगा।
बैठक के बाद सांसद भोजराज नाग ने कहा माइंस प्रबंधन के खिलाफ क्षेत्र की जनता मे बहुत ज्यादा आक्रोश था। प्रभावित क्षेत्र की समस्या को करीब से देखा। माइंस प्रबंधन ने चारगांव और पखांजुर मे हुई जन सुनवाई मे किए वादे पूरे नहीं किए। क्षेत्र में स्कूल, अस्पताल, सड़क पेयजल, बिजली, रोजगार जैसी गंभीर समस्या को माइंस प्रबंधन ने गंभीरता से नहीं लिया। प्रबंधन को तीन महीने में क्षेत्र मे स्कूल, अस्पताल, सड़क, पेयजल, बिजली, रोजगार को लेकर कार्य करना होगा। हर तीन महीने में इसी तरह की समीक्षा की जाएगी।
कांकेर कलेक्टर नीलेश महादेव क्षीरसागर ने कहा पुरानी परिस्थितियों कैसी थी, पिछले अधिकारियों ने क्या किया उस पर ना जाते हुए पिछले पांच साल माइंस प्रबंधन द्वारा सीएसआर मद से कराए कार्यों की अंतागढ एडीएम अंजोर सिंह पैकरा से जांच कराई जाएगी। अब सीएसआर मद से काम 15 व 25 किमी के दायरे में ही कराए जाएंगे। माइंस प्रभावित क्षेत्र मे अंग्रेजी मीडियम स्कूल व अस्पताल शुरू करने को जरूरी बताया। साथ ही कहा की भविष्य में दोनों पक्षों के बीच कभी इस प्रकार की स्थिति निर्मित नहीं हो इस दिशा में काम किए जाएं।