साधारण व्यक्ति भी चाहे तो वह असाधारण सफलता प्राप्त कर सकता है – न्यायमूर्ति उबोवेजा
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00 शिक्षक का उद्देश्य बच्चे को सही – गलत में अंतर समझाकर सही राह होता है दिखाना – तिवारी
रायपुर। गुरुकुल महिला महाविद्यालय के प्रेक्षागृह में नव प्रवेशित छात्राओं के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ लोक आयोग के प्रमुख लोकायुक्त न्यायमूर्ति श्री इन्दर सिंह उबोवेजा ने छात्राओं से अपने छात्र जीवन के कुछ रोचक स्मृतियों को साझा करते हुए बताया कि साधारण व्यक्ति भी चाहे तो वह असाधारण सफलता प्राप्त कर सकता है, इसके लिए कड़े संघर्ष, हौसले और जीवन में अनुशासन की आवश्यकता होना बहुत जरुरी है। उन्होंने छात्राओं को जीवन में अच्छी संगत और लक्ष्य पर चलकर देश और समाज के लिए अच्छे नागरिक बनने की प्रेरणा दी। साथ ही उनके विभिन्न अधिकारों से भी उन्हें अवगत कराया व सजग रहने कहा। उन्होंने छात्राओं को सलाह देते हुए कहा कि वे अपने जीवन में ग्रंथालय, पुस्तकें, समाचार पत्र का वाचन जरुर करेंगे इससे बहुत सारी जानकारियां हमें प्राप्त होती है।
शासी निकाय के अध्यक्ष अजय तिवारी ने कहा कि एक बच्चे की प्रथम शिक्षिका उसकी माता होती है और दूसरे शिक्षक के रुप में विद्यालय एवं महाविद्यालय के शिक्षक आते है। इन सभी का उद्देश्य बच्चे को सही गलत में अंतर समझाकर सही राह दिखाना होता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी का यह कर्तव्य होता है कि वह अपने माता-पिता एवं गुरुजनों के दिखाये हुए मार्ग पर प्रशस्त रहें।
महाविद्यालय के उपप्राचार्य डॉ राजेश अग्रवाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के नियमों से छात्राओं एवं पालकों को अवगत कराया व क्रेडिट पॉइंट, सीजीपीए, एसजीपीए जैसे विभिन्न नए शब्दों की जानकारी दी। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवल से हुआ।
