शपथ से पहले बोली ईला, महिलाओं को बनाएंगी सशक्त, पांच बिन्दुओं पर करेंगी काम

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00 हर 15 दिन में लगेगा महिलाओं का व्यापार मेला
रायपुर। छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज महिला चेम्बर “हमारे सपने” थीम पर शनिवार को अपरान्ह 11.30 बजे चेम्बर कार्यालय-चै. देववीलाल व्यापार उद्योग भवन, बाम्बे मार्केट में अध्यक्ष डा. ईला गुप्ता, महामंत्री नम्रता अग्रवाल, कोषाध्यक्ष मनीषा तारवानी के साथ अन्य पदाधिकारी पदभार ग्रहण करेंगी। इससे पूर्व शुक्रवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि उनका कार्यकाल भले ही तीन साल है लेकिन वे इस दौरान महिलाओं को इतना सशक्त बनना चाहती है कि वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें और कानून की इतनी जानकारी हो सकें कि वे किसी भी मुद्दे पर अपनी बात आसानी से रख सकें। दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर में महिला चेंबर का गठन हो चुका है इसे वे और विस्तार करते हुए पूरे छत्तीसगढ़ में महिलाओं का समूह बनना चाहती है जिससे वे अपने व्यापार को आसानी से यहां जाकर बेच सकें। इसलिए व महीने में दो बार रायपुर के चेंबर भवन में व्यारपार मेला लगाने वाली है जहां महिलाएं अपना सामान बेच सकेंगी। इसके अलावा वे अभी फिलहाल पांच बिन्दुओं पर काम करेंगे और इसी के तहत शपथ ग्रहण से पूर्व महिलाओंं के लिए एक वर्कशॉप का आयोजन किया है जिसमें उन्हें कानून की जानकारी दी जाएगी। पत्रकारवार्ता में महामंत्री नम्रता अग्रवाल, कोषाध्यक्ष मनीषा तारवानी, पूर्व चेंबर अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी, चेतन तारवानी के अलावा चेंबर के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
ईला गुप्ता ने बताया कि महिला मैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज का मुख्य उद्देश्य व्यवसाय, उद्द्योग और वाणिज्य में महिलाओं को सशक्त बनाना और उनकी भागीदारी को बढ़ावा देना है। महिलाओं के लिए नेटवर्किंग में सहायता प्रदान करना ताकि वे व्यवसाय में अपनी आजीवीका सुदृढ कर सके। महिलाओं को समान, अधिकार, अवसर और सम्मान मिलना चाहिए फिर भी कई महिलाओं को आज भी भेदभाव और असमानता का सामना करना पड़ता है। महिला सशक्तिकरण का सही अर्थ है उन्हें सीखने, काम करने और नेतृत्व करने की स्वतंत्रता देना है। महिला चैंबर में महिलाओं के उद्देश्य को समझने के लिए हमें उनके सामाजिक और आर्थिक पहलुओं पर भी ध्यान देना होगा ताकि हम महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में भी मजबूत बना सके जिसे वे परिवार के हित में फैसले भी ले सके। उनका आत्म निर्भर बनना ही परिवार को सही दिशा एवं दशा देगा।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण एक आवश्यक अधिकार है जो पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं को भी मिलना चाहिए। बेशक समाज पुरुष प्रधान है परंतु अब समय बदलता जा रहा है। अब महिलाएं घर की चारदीवारी से निकलकर बाहरी दुनिया में कदम रखने लगी है और सफलता के शिखर को छू रही है।