आवास एवं पर्यावरण मंत्री चौधरी ने विस में की बड़ी घोषणा, 60 प्रतिशत प्री-बुकिंग प्राप्त होने पश्चात ही भवनों का निर्माण कार्य होगा शुरू

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00 छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की ओ टी एस-2 योजना को मिली बड़ी सफलता, 139.47 करोड़ की 920 संपत्तियों का हुआ विक्रय
00 ऋण मुक्त हुआ छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की वन टाइम सेटलमेंट योजना (ओ टी एस-2) से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। यह जानकारी विधानसभा सदस्य माननीय श्री अजय चंद्राकर द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न क्रमांक 25 के उत्तर में दी गई। मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि ओ टी एस-2 योजना की शुरुआत 1 मार्च 2025 से की गई थी, जिसका उद्देश्य मंडल की निर्मित रिक्त संपत्तियों को छूट के साथ आम जनता को उपलब्ध कराना है। योजना के तहत संपत्तियों की रिक्त रहने के अनुसार विशेष छूट का प्रावधान किया गया है। जिसमे 5 से 10 वर्ष पुरानी संपत्तियों में से जिनमें कम से कम 20 प्रतिशत हिस्सा रिक्त है, उन पर 20 प्रतिशत की छूट दी जा रही है तथा 20 प्रतिशत से अधिक हिस्सा रिक्त है उन पर 30 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। वहीं 10 वर्ष से अधिक पुरानी रिक्त संपत्तियों पर 30 प्रतिशत तक की छूट लागू की गई है। मंडल की वो निर्मित रिक्त संपत्तियां जिनको छूट में पहली बार सम्मिलित किया गया है ऐसे संपत्तियों को निर्मित हुए 5 वर्ष हो चुके हैं, उन पर 10 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है।
इस जनकल्याणकारी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम यह रहा कि 15 जून 2025 तक कुल 920 संपत्तियों का सफलतापूर्वक विक्रय किया जा चुका है, जिससे मंडल को 139.47 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई है। यह आंकड़ा योजना की लोकप्रियता और लोगों में उसके प्रति विश्वास को दर्शाता है।
ऋण मुक्त गृह निर्माण मंडल
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल पर बैंकों का लगभग 800 करोड़ रुपए का ऋण था। राज्य सरकार ने इस बकाया राशि को बजट के राशि से चुका दिया। यह बड़ी उपलब्धि है कि मंडल अब पूरी तरह से हुआ ऋण मुक्त हो गया है। मंडल पर किसी भी प्रकार का कोई ऋण नहीं है।
नई योजनाएं अब “प्री-बुकिंग” के आधार पर शुरू होंगी
विधानसभा में पूछे गए एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि अब से गृह निर्माण मंडल द्वारा कोई भी नई आवासीय योजना में तब तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया जाएगा जब तक उसकी प्री-बुकिंग कम से कम 60 प्रतिशत तक न हो जाए। यह कदम योजनाओं की सफलता सुनिश्चित करने और अनावश्यक निर्माण से बचने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अब केवल किफायती मकान ही नहीं, बल्कि एक कॉरपोरेट मॉडल को अपनाकर कार्य कर रहा है, जहां विभिन्न श्रेणियों के आवासीय मकान के साथ-साथ व्यावसायिक संपत्तियों का भी निर्माण किया जा रहा है। यह मॉडल शहरी विकास और आत्मनिर्भर आवास नीति के अनुरूप है।
जनहित को प्राथमिकता
मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि गृह निर्माण मंडल का उद्देश्य प्रदेशवासियों को सुलभ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना है। मंडल द्वारा संचालित योजनाएं आमजन, निम्न एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के हित में बनाई जा रही हैं।