बेमेतरा जिला अस्पताल का एनआरसी बना कुपोषित बच्चों के लिए जीवनदाता

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00 1953 बच्चों को मिला सुपोषण, स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ाया कदम
बेमेतरा। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) एक सशक्त सामाजिक पहल बनकर उभरा है। बेमेतरा जिले में एनआरसी के द्वारा अब तक 1953 कुपोषित बच्चों को स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर किया है। जिला अस्पताल बेमेतरा के एमसीएच बिल्डिंग में 1 माह से 5 वर्ष तक के गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को विशेष देखभाल और पोषक आहार के साथ निरूशुल्क उपचार प्रदान किया जाता है।

 जिला अस्पताल का एनआरसी बना कुपोषित बच्चों के लिए जीवनदाता
एनआरसी में बच्चों को 15 दिनों तक विशेष पोषण आहार जैसे थेराप्यूटिक फूड (एफ 75, एफ 100), फार्मूला मिल्क के साथ-साथ दलिया, खिचड़ी, हलवा, इडली आदि भी दिया जाता है। माताओं को दो समय का भोजन और 15 दिन बाद 2,250 रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाती है। यहां बच्चों के भर्ती की प्रक्रिया सरल है, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, एएनएम और चिरायु टीम की सिफारिश या पालकों की पहल पर सीधे बच्चों को भर्ती किया जाता है।

 जिला अस्पताल का एनआरसी बना कुपोषित बच्चों के लिए जीवनदाता
इस उपलब्धि के पीछे स्वास्थ्य विभाग की समर्पित टीम और जिला प्रशासन की सजगता का योगदान है। एनआरसी न केवल बच्चों के शरीर को पोषण देता है, बल्कि उनके परिवारों को भी पोषण और स्वास्थ्य के महत्व के प्रति जागरूक करता है। यह पहल बेमेतरा को कुपोषण मुक्त जिला बनाने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध हो रही है।