जयपुर पैर से स्कूली पढ़ाई की राह पर कार्तिक पैकरा, 6 दिव्यांगों को मिला सहारा
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रायपुर। जन्म से एक पैर आधा रह गया और 6 वर्षीय कार्तिक स्कूल नही जा रहा था, लेकिन आज श्री विनय मित्र मण्डल के पचपेड़ी नाका स्थित वर्कशॉप में उसे जयपुर पैर लगाया गया है। पिता लाल व माता सोनू पैकरा ने बताया कि कार्तिक उनकी पहली संतान है, जन्म से ही उसका एक पैर अर्धविकसित रह गया है, जिसके कारण 6 वर्ष की आयु में भी उसने स्कूल में दाखिला नही लिया है। पिता लाला पैकरा ने बताया कि जयपुर पैर लगाकर इस वर्ष कार्तिक अपने ग्राम गंगापुर लटोरी जिला सूरजपुर की कक्षा पहली में दाखिला लेकर पढ़ाई प्रारंभ करेगा।
श्री विनय मित्र मण्डल के संस्थापक महेन्द्र कोचर व पूर्व अध्यक्ष खेमराज बैद ने बताया कि स्व केशरी चंद जी कोठारी के आत्मश्रेयार्थ श्रीमती इचरज देवी कोठारी सुपुत्री श्रीमती शारदा चोपड़ा सुपुत्र कमलेश विमलेश कोठारी द्वारा 6 दिव्यांगों को जयपुर पैर प्रदान किये गए। श्री विनय मित्र मण्डल द्वारा विगत 39 वर्षों से पचपेड़ी नाका में जयपुर पैर के वर्कशॉप का संचालन किया जाता है। दिव्यांगों के ठहरने व भोजन की व्यवस्था तथा कृत्रिम पैर नि:शुल्क दिए जाते हैं। स्व केशरी चंद कोठारी की स्मृति में परमेश्वर सिदार 17 वर्ष, शिवमाया यादव 46 वर्ष, जय सिंह 15 वर्ष, कार्तिक पैकरा 6 वर्ष, राजू सोनी 50 वर्ष, सुरेन्द्र सिंह 48 वर्ष को श्रीमती शारदा चोपड़ा, योगेश चोपड़ा की उपस्थिति में नि:शुल्क जयपुर पैर प्रदान किया गया।
