0- युवा लाइक्स के लिए ही नहीं, गौ माता की रक्षा के लिए रील-वीडियो बनायें
0- कथा रविवार को सुबह 9 बजे से, पूर्णाहुति के साथ होगी विश्रांति
रायपुर। गोविंद राधे-गोपाल राधे, जगन्नाथ ..चका नैन, तू न संभाले तो हमें कौन संभाले। बलभ्रद सुभद्र्रा संग तुम विराजे.. की भक्ति गीत से झूम रहा था पूरा कथा स्थल। व्यासपीठ से आज भागवताचार्य इन्द्रेश महाराज ने बहुत ही मार्मिक रुप से अपील करते हुए कहा कि आज विश्व में केवल और केवल गौ सेवा-गौ रक्षा अनुष्ठान की जरूरत है।आज कथावाचक कितनी कथा कर ली यह गिनाने में लगे हैं, सनातनी कंठी-माला पहनकर, व्रत-जाप कर रहे हैं, कितनी भी तीर्थ यात्रा कर लो, राधे-राधे जप लो ठाकुर जी प्रसन्न होने वाले नहीं और न कोई फल मिलने वाला क्योंकि उनके प्राण से प्यारी गौ माता पर लगातार अत्याचार हो रहा है, कत्लखाने में कट रहे हैं, गौ माता सुरक्षित नहीं हैं। कहने को तो बहुत कुछ कहा जा रहा है लेकिन प्रेेक्टिकल रुप में कुछ भी नहीं हो रहा है। इसे रोकने के लिए विशेषकर युवाओं को आगे आना होगा उन्हे लाइक्स वाले रील, वीडियो की जगह इनकी रक्षा के लिए सोशल मीडिया में काम करने की जरूरत हैं। उन्होंने व्यास पीठ से कथा स्थल में बैठे लाख भर लोगों से कहा कि यदि यहीं से संकल्प लेकर इसकी शुरुआत करें तो बहुत बड़ी बात होगी और उनकी कथा सफल हो जायेगी। रविवार को कथा सुबह 9 बजे से होगी।
इन्द्रेश महाराज ने कहा कि कथा वाचन व कथा श्रवण तो हम आप सब कर रहे हैं लेकिन क्या कभी अपनी गौ माता के लिए सोंचा है? वेद लक्षणा की दूध दही घी और गोबर से बने सामानों का आप उपयोग नहीं करेंगे तो आपकी वेद कामना कैसे पूरी होगी। आज जो मार्केट से घी लेकर आप अनुष्ठान कर रहे हैं उसमें तो चर्बी मिली हुई है तो अनुष्ठान कैसे पूरा होगा। युवा चाहें तो आज कुछ भी हो सकता है. वे केवल अधिक लाइक्स लेकर रील या वीडियो न बनाये, अपने धर्म का निवर्हन करते हुए यदि गौ माता की रक्षा के लिए यही काम करते हैं तो देखें कितनी लाइक्स मिलेंगे। बड़ी शक्ति हैं आज के युवाओं में। जगह-जगह हस्ताक्षर अभियान चलाये जा रहे हैं कई प्रयास किये जा रहे हैं लेकिन कुछ नहीं हो पा रहा है। गौ वध रोकने के लिए आप सभी को आगे आना होगा,आज कथा स्थल से यह संकल्प लेकर आप सभी जाएं और कुछ संख्या में ही सही यदि ईमानदारी से काम करते हैं तो उनके रायपुर की कथा सफल हो जायेगी।प्रसंगवश उन्होंने बताया कि सब कुछ करने के बाद भी अपना श्रेय ठाकुर जी आपको दे देते हैं। लेकिन आज तो लोग अपने करने का प्रचार प्रसार चाहते हैं। ध्यान रखें उनकी इच्छा के बगैर कुछ नहीं होने वाला। करने व करवाने वाले केवल वही हैं। कितनी बड़ी भी कथा हो, कथावाचक हो, कथा करवाने वाले हो यदि ठाकुर जी की इच्छा नहीं तो संभव नहीं। जैसे देखें आज भी कई राज्यों में भारी बारिश हो रही मौसम खराब हैं लेकिन आपकी श्रद्धा और विश्वास के आगे ठाकुर जी को रायपुर में बारिश रोकनी पड़ी। महाप्रसादी का वितरण आज भी होगा लेकिन वहीं लोग प्राप्त करें जिन्होने कल नहीं लिया था। यदि दोबारा लिए तो अपराध होगा, वैसे दुनियादारी के काम में तो कर नहीं रहे हैं,कम से कम भोग प्रसाद के लिए तो करना।
आज कथा विश्रांति और पूर्णाहुति
सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का 27 सितंबर रविवार को विश्राम दिवस है। इस दिन सुबह 9 बजे से दोपहर तक कथा विश्रांति, पूर्णाहुति, आरती, प्रसादी वितरण व आर्शिवचन का कार्यक्रम हैं।राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष संत राजीव लोचन दास ने इस अवसर पर व्यासपीठ को छत्तीसगढ़ की प्राचीन इतिहास से अवगत कराते हुए बताया कि 5200 वर्ष पहले की दक्षिण कोसल का यह राज्य श्रीराम का ननिहाल ही नहीं बल्कि द्वारिकाधीश भगवान का ससुराल भी है। छत्तीसगढ़ी में बताया कि राम हमर भांचा अउ श्रीकृष्ण हम भाटो हे। ऐसे छत्तीसगढ़ की प्रसिद्धी धार्मिक व पौराणिक रुप से पूरे विश्व में हैं।
सेवादार सुबह से कथा स्थल को संवारने में लगे रहे
कथा के प्रमुख सेवादार गुंजन प्रजापति और उनकी पूरी टीम आज सुबह से ही मौसम खुलते ही कथा स्थल की साफ – सफाई व कुछ जगहों के गीले होने को पूरी तरह से दुरुस्त कर दिया और आज पुन: कथा स्थल पहले दिन की तरह चाक-चौबंद नजर आने लगी। आज सर्वाधिक भीड़ भी कथा में जुटी।