May 16, 2026

डाक विभाग द्वारा जगदलपुर में जीडीएस सभा एवं क्षमता विकास कार्यशाला का आयोजन

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*डाक विभाग के सर्वोच्च अधिकारी महानिदेशक, डाक सेवायें सम्मिलित हुए*

रायपुर। डाक विभाग द्वारा शुक्रवार को बस्तर चैंबर ऑफ कॉमर्स सभागार, जगदलपुर में जीडीएस सभा (क्षमता संवर्धन कार्यशाला) का आयोजन किया गया, जिसमें बस्तर संभाग के लगभग 180 ग्रामीण डाक सेवकों (जीडीएस) ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अग्रिम पंक्ति के डाक कर्मियों की क्षमता सुदृढ़ करना तथा क्षेत्र में वित्तीय समावेशन, बीमा कवरेज और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में इंडिया पोस्ट की भूमिका को और मजबूत करना था।
कार्यशाला की अध्यक्षता जितेन्द्र गुप्ता, महानिदेशक डाक सेवायें, डाक निदेशालय, नई दिल्ली ने की। उनके साथ अजय सिंह चैहान, मुख्य पोस्टमास्टर जनरल, छत्तीसगढ़ डाक परिमंडल, रायपुर तथा डाक विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


सभा को संबोधित करते हुए महानिदेशक डाक ने कठिन परिस्थितियों में आवश्यक डाक एवं वित्तीय सेवाएँ प्रदान करने वाले ग्रामीण डाक सेवकों के समर्पण और दृढ़ता की सराहना की। उन्होंने कहा कि बस्तर, जो हाल ही में वामपंथी उग्रवाद की छाया से बाहर आया है, अब शांति, विकास और अवसर के एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने इस परिवर्तन को सुदृढ़ करने में इंडिया पोस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया, विशेषकर अंतिम छोर तक सरकारी सेवाओं, वित्तीय उत्पादों और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पहुँच सुनिश्चित करने में
महानिदेशक डाक ने बस्तर संभाग के एक आकांक्षी संभाग होने के महत्व को रेखांकित करते हुए जीडीएस को वित्तीय साक्षरता फैलाने, बीमा कवरेज बढ़ाने तथा बचत और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं की पहुँच सुगम बनाने के लिए परिवर्तन के संवाहक के रूप में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के जरिये दिये गये टारगेट को पुरा करने के महत्व को रेखांकित किया।
इस अवसर पर मुख्य पोस्टमास्टर जनरल, छत्तीसगढ़ परिमंडल ने सेवा गुणवत्ता में सुधार, ग्राहक पहुँच के विस्तार तथा डाक बचत योजनाओं, डाक जीवन बीमा (पीएलआई), ग्रामीण डाक जीवन बीमा (आरपीएलआई) और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) सेवाओं के प्रभावी उपयोग तथा आज किये गये कार्यों के भावी पिढ़ी को होने वाले लाभ तथा राष्ट्र निर्माण में इसके असर को रेखांकित किया।
कार्यक्रम का समापन प्रमुख निष्कर्षों के संक्षेप और बस्तर को वित्तीय रूप से साक्षर, पर्याप्त रूप से बीमित और डिजिटल रूप से सशक्त बनाने हेतु स्पष्ट लक्ष्यों और दिशा-निर्देशों के साथ किया गया। जीडीएस सभा ने जमीनी स्तर पर समावेशी विकास और राष्ट्र निर्माण के प्रति डाक विभाग की प्रतिबद्धता को पुन: सुदृढ़ किया।