April 30, 2026

पीएआई 2.0 रिपोर्ट: छत्तीसगढ में 100% पंचायत सहभागिता, अधिकांश मध्यम प्रदर्शन श्रेणियों में

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*बालोद की झलमला पंचायत राज्य में शीर्ष पर, पीएआई स्कोर 78.77*
रायपुर।
पंचायती राज मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2023–24 के लिए पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स (PAI) 2.0 रिपोर्ट जारी की है, जो देशभर में जमीनी स्तर के शासन का व्यापक आकलन प्रस्तुत करती है। जहां इस रिपोर्ट में राष्ट्रीय स्तर पर 97.3 प्रतिशत की प्रभावशाली भागीदारी दर्ज की गई है, वहीं छत्तीसगढ ने 100 प्रतिशत भागीदारी हासिल कर विशेष पहचान बनाई है, जहां सभी 11,643 ग्राम पंचायतों और पारंपरिक स्थानीय निकायों ने सत्यापित डेटा प्रस्तुत किया।

राज्य के सभी 33 जिलों और 145 विकासखंडों को कवर करते हुए यह पूर्ण भागीदारी मजबूत संस्थागत जुड़ाव और प्रशासनिक दक्षता को दर्शाती है। हालांकि, प्रदर्शन के वितरण से यह स्पष्ट होता है कि भागीदारी तो सार्वभौमिक है, लेकिन परिणामों की गुणवत्ता विभिन्न श्रेणियों में अलग-अलग है। रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ की 30 पंचायतें ग्रेड A (फ्रंट रनर श्रेणी) में हैं, जबकि 3,936 पंचायतें ग्रेड B (परफॉर्मर) में आती हैं। अधिकांश, यानी 5,941 पंचायतें ग्रेड C (आकांक्षी) श्रेणी में हैं और 1,736 पंचायतें ग्रेड D (शुरुआती) में हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य की कोई भी पंचायत शीर्ष A+ (अचीवर) श्रेणी में नहीं पहुंच पाई है।

आंकड़े बताते हैं कि आधे से अधिक पंचायतें अभी भी आकांक्षी श्रेणी में हैं, जो सेवा वितरण और शासन परिणामों में सुधार के लिए लक्षित हस्तक्षेप की आवश्यकता को दर्शाता है। वहीं, परफॉर्मर श्रेणी में बड़ी संख्या यह संकेत देती है कि राज्य के पास एक मजबूत आधार है, जिसे बेहतर प्रदर्शन श्रेणियों में उन्नत किया जा सकता है।

रिपोर्ट में बालोद जिले की झलमला ग्राम पंचायत को छत्तीसगढ की सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली पंचायत के रूप में पहचाना गया है, जिसने 78.77 के पीएआई स्कोर के साथ ग्रेड A हासिल किया है। यह पंचायत विकास कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन और समुदाय-आधारित शासन का एक मॉडल बनकर उभरी है।


नौ विकास क्षेत्रों में विस्तृत विषयगत विश्लेषण मिश्रित प्रदर्शन रुझान दर्शाता है। थीम 1 (गरीबी मुक्त एवं उन्नत आजीविका) के अंतर्गत राज्य में 974 पंचायतें ग्रेड A, 4,946 ग्रेड B, 5,215 ग्रेड C और 489 ग्रेड D में हैं, जो मध्यम प्रगति को दर्शाता है। थीम 2 (स्वस्थ पंचायत) में प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर है, जहां 2,189 पंचायतें ग्रेड A और 5,388 ग्रेड B में हैं, जबकि 3,788 पंचायतें ग्रेड C में हैं।


थीम 3 (बाल अनुकूल पंचायत) में अधिकांश पंचायतें ग्रेड B (7,058) और ग्रेड C (2,668) में हैं, जबकि 1,829 पंचायतें ग्रेड A में पहुंची हैं। थीम 4 (जल समृद्ध पंचायत) बुनियादी ढांचे की चुनौतियों को दर्शाता है, जहां 7,221 पंचायतें ग्रेड C, 3,024 ग्रेड B और 1,150 ग्रेड D में हैं।


थीम 5 (स्वच्छ एवं हरित पंचायत) के तहत 5,249 पंचायतें ग्रेड C और 3,845 ग्रेड D में हैं, जो सुधार की आवश्यकता को इंगित करता है। इसी तरह थीम 6 (आत्मनिर्भर अवसंरचना) में 4,205 पंचायतें ग्रेड C और 4,109 ग्रेड D में हैं, जबकि 2,342 ग्रेड B और 932 ग्रेड A में हैं।


थीम 7 (सामाजिक रूप से न्यायपूर्ण एवं सुरक्षित पंचायत) में अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन देखा गया है, जहां 3,725 पंचायतें ग्रेड A और 6,931 ग्रेड B में हैं। हालांकि, थीम 8 (अच्छा शासन) और थीम 9 (महिला अनुकूल पंचायत) में असमान परिणाम सामने आए हैं, जहां बड़ी संख्या अभी भी निम्न श्रेणियों में है, जिनमें क्रमशः 2,907 और 3,398 पंचायतें ग्रेड D में हैं।


राष्ट्रीय स्तर पर, PAI 2.0 ढांचा 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 2.59 लाख से अधिक पंचायतों का मूल्यांकन 150 संकेतकों और 230 डेटा बिंदुओं के आधार पर करता है, जो सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण से जुड़े नौ विषयों के अनुरूप हैं। पंचायतों को पांच श्रेणियों—अचीवर (A+), फ्रंट रनर (A), परफॉर्मर (B), आकांक्षी (C) और शुरुआती (D)—में वर्गीकृत किया गया है, जिससे तुलनात्मक मूल्यांकन और लक्षित योजना बनाना संभव होता है।


अधिकारियों ने कहा कि छत्तीसगढ के निष्कर्ष पूर्ण भागीदारी की सफलता के साथ-साथ प्रदर्शन की गुणवत्ता सुधारने की आवश्यकता को भी रेखांकित करते हैं। एक मजबूत डेटा ढांचे के साथ, राज्य अब PAI 2.0 के निष्कर्षों का उपयोग बेहतर योजना, सर्वोत्तम प्रथाओं के प्रसार और पंचायतों को उच्च प्रदर्शन श्रेणियों में लाने के लिए कर सकता है।