प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ की मांग पर हाईकोर्ट की मुहर, पुरानी पेंशन का रास्ता साफ
1 min read
Share this
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर ने 1998-99 एल.वी. संवर्ग के शिक्षकों के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए उन्हें उनकी देय तिथि से पुरानी पेंशन का लाभ देने का रास्ता साफ कर दिया है। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने राज्य शासन द्वारा दायर रिट याचिका क्रमांक 325/2026 को खारिज कर दिया है। इससे पहले 17 फरवरी 2026 को हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने भी शिक्षकों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए शासन को निर्देश दिया था कि 120 दिनों के भीतर 1998-99 एल.वी. संवर्ग शिक्षकों को उनकी देय तिथि से पुरानी पेंशन का लाभ प्रदान किया जाए। हालांकि, शासन ने इस निर्णय को डिवीजन बेंच में चुनौती दी थी, जिसे अब खारिज कर दिया गया है।
प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजकिशोर तिवारी, महासचिव डेसनाथ पांडे एवं सह सचिव चन्द्रभूषण ठाकुर ने संयुक्त बयान में कहा कि यह निर्णय शिक्षकों के लंबे संघर्ष की जीत है। इससे 1998-99 बैच के शिक्षकों को उनका हक और अधिकार मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। संघ ने बताया कि इस मांग को लेकर लगातार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, वन मंत्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव एवं उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप जूदेव को ज्ञापन सौंपे गए थे।
संघ के अनुसार मुख्यमंत्री ने भी आश्वासन दिया था, कि इस विषय पर शीघ्र कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा। अब हाईकोर्ट के निर्णय के बाद इस पर अंतिम मुहर लग गई है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजकिशोर तिवारी ने सरकार से मांग की है कि न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हुए जल्द से जल्द आदेश जारी कर शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए। इस निर्णय के क्रियान्वयन को लेकर प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ द्वारा 26 अप्रैल को रायपुर स्थित होटल वेलकम में महापंचायत आयोजित की जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
