जगदलपुर निगम के एसएलआरएम सेंटर्स अब एमआरएफ सेंटर्स में होंगे अपग्रेड
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जगदलपुर। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत देश भर में एसएलआरएम सेंटर्स को मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर्स में अपग्रेड किया जा रहा है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य सूखे कचरे का बेहतर प्रबंधन, पृथक्करण और रिसाइक्लिंग करते हुए सेंटर में काम करने वाली महिलाओं की आय को बढ़ाने के साथ ही शहर को साफ सुथरा रखना है। इस योजना को अमली जामा पहनाने के लिए सेंटर में लगाई जाने वाली नई मशीनों और पुरानी मशीनों का मेंटनेंस कर उनका उपयोग सही ढंग से हो इसके लिए जगदलपुर नगर पालिक निगम ने काम शुरू कर दिया है। सालों बाद होने वाले इस काम का फायदा जहां निगम को शहर के साफ व स्वच्छ रखने में मिलेगा तो वहीं दूसरी ओर सेंटर मे काम करने वाली 300 से अधिक महिलाओं को मिलेगा।
मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल शहर से करीब 10 टन कचरा रोज निकलता है। इसमें 6 टन सूखा और 4 टन गीला कचरा होता है। वर्तमान समय में सूखा कचरा को जहां-तहां फेंक दिया जाता है। जिससे वातावरण भी दूषित होता है। इस सेंटर के खुलने के बाद इस तरह की समस्या से शहरवासियों को निजात मिलेगी। शहर में कचरा प्रबंधन होने से शहर की सफाई समय हो सकेगी। इससे शहर को एक नई पहचान मिलेगी।
निगम के स्वच्छता विभाग के सभापति लक्ष्मण झा ने बताया कि यह काम जल्द से जल्द शुरू हो इसके लिए योजना बनाकर काम किया जा रहा है। इस योजना को पूरा करने में करीब सात करोड़ रुपए खर्च किया जाएगा। शहर में कचरा प्रबंधन करने के लिए यह योजना काफी अच्छा साबित होगा। तथा इससे शहर भी स्वच्छ रहेगा। एमआरएफ सेंटर खोलने के लिए किसी अन्य जगह का चयन नहीं किया गया है, बल्कि एसएलआरएम सेंटर को ही डेवलप किया जाएगा। जिन एसएलआरएम सेंटर को एमआरएफ में बदलाव करने की योजना बनाई गई हैं वहां पर आने वाले दिनो में काम मशीन और मैनुअली दोनों तरीके से किया जाएगा। सेंटर को डेवलप करने के दौरान हर सेंटर पर इलेक्ट्रानिक वेइंग मशीन लगाई जाएगी जिससे यह पता चल सकेगा किस सेंटर में कितना कचरा और सेंटर से सेग्रीगेशन के बाद यहां से कितना कचरा गया। इसके साथ ही यहां पर पुरानी और नई बेलर और फटका के साथ कंप्रेस्ट और अन्य मशीनें लगाई जाएगी। जिसके चलते इस सेंटर में काम करने वाली महिलाओं को बहुत फायदा होगा।
