नक्सलियों से बरामद सोना स्विट्जरलैंड से आया, लाल किला पर फहराना चाहते थे, लाल झंडा – मनीष कुंजाम
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सुकमा। जिले के कोंटा विधानसभा के पूर्व विधायक मनीष कुंजाम का कहना है कि नक्सलियों के पास से बरामद हुआ सोना स्विट्जरलैंड से आया है। उन्होंने कहा कि पैसे तो इन्हें हमारे यहां के ही लोग देते थे, लेकिन सोना विदेश के बैंकों से आया है। सरकार को इसकी जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इतने सालों तक नक्सली जल-जंगल-जमीन की लड़ाई की बात किए। लेकिन जल-जंगल-जमीन को बचाना इनका लक्ष्य नहीं था, बल्कि ये लोग लाल किले पर लाल झंडा फहराना चाहते थे। नक्सली यहां के पहाड़, जंगल और नदियां बचाना नहीं चाहते थे।
मनीष कुंजाम ने आत्मसमर्पित नक्सलियों से सवाल करते पूछा कि अलग-अलग जिले में माइनिंग शुरू करने सैकड़ों ग्रामीणों ने लंबे समय तक आंदोलन किया। उन्होंने पूछा कि इतने विरोध और आंदोलन के बाद भी आमदई और रावघाट खदान कैसे शुरू हो गए। साथ ही उन्होंने कहा कि बाद में रेट बढ़ गया और फिर इन लोगों ने वसूली शुरू कर दी। मनीष कुंजाम ने कहा कि हमारे पास इसके सबूत हैं। जिस दिन जरूरत पड़ी सबूत दिखाएंगे। उन्होंने बताया कि अलग-अलग एजेंट नक्सलियों तक करोड़ों रुपए पहुंचाते थे। जैसे ही उन्हें पैसे मिलते थे, खदान शुरू हो जाती थी। अगर समय पर पैसे नहीं मिलते थे, तो वे कोई घटना कर देते थे।
उल्लेखनिय है कि 31 मार्च को बीजापुर जिले में 25 नक्सलियों ने आमसमर्पण किया था। इनके पास से पुलिस ने 7 किलो से ज्यादा सोना बरामद किया था, जिसकी कीमत करीब 11 करोड़ रुपए से ज्यादा थी। इससे पहले जगदलपुर में आमसमर्पण किए गए नक्सलियों के पास से भी लगभग डेढ़ किलो सोना बरामद हुआ था।
