एफडी हेराफरी मामले में दतिया कांग्रेसी विधायक को कोर्ट ने सुनाई सजा
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नई दिल्ली। 27 साल पुराने जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक एफडीआई घोटाला मामले में दिल्ली की एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट ने मध्य प्रदेश की दतिया सीट से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दोषी ठहराते हुए उन्हें तीन साल की सजा सुनाई और साथ ही जमानत भी दे दी। इस मामले में कोर्ट ने सह-आरोपी पूर्व बैंक लिपिक रघुवीर प्रजापति को भी दोषी ठहराया गया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद उनकी विधायकी पर गंभीर खतरा मंडराना शुरू हो गया।
यह पूरा मामला वर्ष 1998 का है जब राजेंद्र भारती जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (भूमि विकास बैंक) के अध्यक्ष थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने अपनी मां सावित्री श्याम के नाम पर 10 लाख रुपये की एफडी कराई थी। मूल रूप से यह एफडी तीन साल की अवधि और 13.5% ब्याज दर पर थी।
आरोप है कि भारती ने बैंक कर्मचारी के साथ मिलकर दस्तावेजों में हेराफेरी की। एफडी की अवधि पहले 10 साल और फिर 15 साल कर दी गई। ब्याज दरें बाजार में घटने के बावजूद वे पूरे समय 13.5% ब्याज ही निकालते रहे, जिससे बैंक को नुकसान हुआ। यह फर्जीवाड़ा लंबे समय तक चलता रहा। इस पूरे मामले का खुलासा उस समय हुआ जब साल 2011 में भाजपा नेता पप्पू पुजारी बैंक अध्यक्ष बने । उन्होंने इस अनियमितता को सामने लायक। सहकारिता विभाग की जांच में एफडी पर ऑडिट आपत्ति दर्ज हुई। जब भारती ने एफडी की राशि मांगी तो बैंक ने भुगतान से इनकार कर दिया। इसके बाद भारती उपभोक्ता फोरम, राज्य फोरम, राष्ट्रीय फोरम और अंत में सुप्रीम कोर्ट तक गए, लेकिन राहत नहीं मिली।
