एबिस ग्रीन में एमएसएमई मे आयोजित सेमिनार में दो सौ से अधिक व्यापारियों-उद्यमियों को मिली योजनाओं की जानकारी
1 min read
Share this
राजनांदगांव। एमएसएमई विकास संस्थान रायपुर द्वारा कैट राजनांदगांव के सहयोग से प्रोक्योरमेंट एवं मार्केटिंग सपोर्ट विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन 06 मार्च 2026 को शाम 6 बजे एबिस ग्रीन, राजनांदगांव में किया गया। कार्यक्रम में शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से आए लगभग 200 व्यापारियों और उद्यमियों ने भाग लेकर केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम की शुरुआत एमएसएमई असिस्टेंट डायरेक्टर योगेश कुमार ने की। उन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए मंच पर आमंत्रित किया। इस अवसर पर एमएसएमई डायरेक्टर लोकेश परघनिया, जॉइंट डायरेक्टर कोलकाता बिधान दास, सीनियर मैनेजर कौशिक मित्रा, असिस्टेंट डायरेक्टर योगेश कुमार, अभिजीत रथ, अंकुर मोंडल, श्रीमती अनुदा शुक्ला, समीरन मित्रा, मोहम्मद अली हिरानी जिला प्रभारी, कैट अध्यक्ष राजेश कुमार डागा (राजू), राजेश जैन सी ए, भावेश अग्रवाल और संजय तेजवानी मंचासीन रहे।
*क्लस्टर योजना में 90 प्रतिशत तक सब्सिडी*
कार्यक्रम में उपस्थित व्यापारियों एवं उद्यमियों को संबोधित करते हुए कैट के प्रदेश एमएसएमई प्रभारी मोहम्मद अली हिरानी ने कहा कि एमएसएमई विभाग के माध्यम से व्यापारियों और उद्यमियों के लिए कई लाभकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि क्लस्टर योजना के अंतर्गत कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित करने के लिए लगभग 70 प्रतिशत तक सेंट्रल गवर्नमेंट सब्सिडी प्रदान की जाती है, और 10 से 20 प्रतिशत तक राज्य शासन से मिलता है ।
उन्होंने कहा कि एक ही प्रकार के व्यापार से जुड़े लोग मिलकर कंपनी बनाकर इस योजना का लाभ ले सकते हैं। साथ ही यदि कोई उद्यमी अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार के लिए देश या विदेश में आयोजित व्यापार मेलों में स्टॉल लगाता है, तो उसके खर्च की भी प्रतिपूर्ति की जा सकती है।
*विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी*
इसके बाद एमएसएमई डायरेक्टर लोकेश परघनिया ने विभाग की विभिन्न योजनाओं और उनके लाभों की जानकारी दी। तत्पश्चात विभिन्न विषयों पर आए विशेषज्ञों ने प्रस्तुति के माध्यम से विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
*मुख्य विषय इस प्रकार रहे*
GeM (Government e-Marketplace):
शासन के सभी विभागों द्वारा की जाने वाली खरीदारी GeM पोर्टल के माध्यम से की जाती है। इसकी विस्तृत जानकारी बिजनेस फैसिलिटेटर श्रीमती अनुदा शुक्ला ने दी।

*पैकेजिंग, लेबलिंग एवं सेफ्टी स्टैंडर्ड*
फ्रेश और प्रोसेस्ड फूड्स के लिए पैकेजिंग और लेबलिंग की जानकारी एमएसएमई कोलकाता के जॉइंट डायरेक्टर बिधान दास ने दी। उन्होंने चार P – Product, Place, Price और Promotion की अवधारणा को समझाते हुए बताया कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग निर्यात को बढ़ावा देने के लिए उत्पादों की सही पैकेजिंग संबंधी मार्गदर्शन देता है।
ECGC (Export Credit Guarantee Scheme):
इस योजना की जानकारी सीनियर मैनेजर कौशिक मित्रा ने दी। उन्होंने बताया कि यह योजना मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अंतर्गत आती है और निर्यातकों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है।
FIEO (Federation of Indian Export Organisations):
इस संस्था के माध्यम से निर्यात से जुड़े व्यापारियों को मार्गदर्शन और विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
ONDC (Open Network for Digital Commerce):
डिजिटल कॉमर्स के इस नए प्लेटफॉर्म की जानकारी अभिजीत रथ ने दी और बताया कि इससे छोटे व्यापारी भी ऑनलाइन बाजार से जुड़ सकते हैं।
*पब्लिक प्रोक्योरमेंट पॉलिसी:
सरकारी खरीद प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी असिस्टेंट डायरेक्टर योगेश कुमार ने दी।
*स्टार्ट-अप योजना:*
नई उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए संचालित स्टार्ट-अप योजनाओं की जानकारी समीरन मित्रा ने दी।
*आसपास के जिलों से भी पहुंचे व्यापारी*
कार्यक्रम में बालोद जिला, डोंगरगांव, डोंगरगढ़, महाराजपुर, छूरिया, चौकी और बांधा सहित विभिन्न क्षेत्रों से व्यापारी शामिल हुए। इसमें पोहा मिल, राइस मिल संचालक, ठेकेदार, महिला कारोबारी, सीए, वकील तथा जिला उद्योग केंद्र से जुड़े प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
*पहले ऐसे सेमिनार के लिए जाना पड़ता था दिल्ली*
कार्यक्रम में शामिल अमित अग्रवाल, आकाश गुप्ता, अशोक पांडे सहित कई व्यापारियों ने बताया कि पहले इस प्रकार की जानकारी प्राप्त करने के लिए उन्हें दिल्ली जैसे बड़े शहरों में आयोजित सेमिनारों में जाना पड़ता था, लेकिन अब राजनांदगांव में ही इस प्रकार का आयोजन होने से स्थानीय व्यापारियों और उद्यमियों को काफी लाभ मिलेगा। इसके लिए उन्होंने जिला कैट संगठन का आभार भी व्यक्त किया।
*राजनांदगांव में एमएसएमई प्रशिक्षण केंद्र की आवश्यकता*
जिला कैट के संजय लड्ढा, सागर चितलंगिया, राजकुमार शर्मा ने कार्यक्रम में यह मांग भी सामने लाया कि राजनांदगांव में एमएसएमई विभाग का स्थायी प्रशिक्षण केंद्र और कार्यालय स्थापित किया जाना चाहिए, ताकि स्थानीय उद्यमियों और व्यापारियों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए लगातार मार्गदर्शन मिल सके।
*आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का समापन*
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों की तरफ से लक्ष्मण लोहिया ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों और उपस्थित व्यापारियों का आभार व्यक्त किया गया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से व्यापारियों और उद्यमियों को सरकारी योजनाओं की सही जानकारी मिलती है, जिससे स्थानीय स्तर पर उद्योगों को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी बढ़ते हैं। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी लक्ष्मण लोहिया ने दी।
