एनआईए ने अरनपुर विस्फोट मामले में 12 ठिकानों पर की छापेमारी, माओवादियों के लेवी वसूली की रसीद बुकें व डिजिटल उपकरण जप्त
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जगदलपुर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में 12 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई 2023 में हुए अरनपुर आईईडी विस्फोट और नक्सली हमले के मामले से जुड़ी है। जिसमें नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर हमला किया था। एनआईए द्वारा आज शनिवार को जारी जानकारी के अनुसार उक्त छापेमारी में संदिग्ध और आरोपित व्यक्तियों के परिसरों में मारे गए, जो प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के सशस्त्र कैडरों से जुड़े थे। तलाशी के दौरान शुक्रवार (7 नवंबर, 2025) को दंतेवाड़ा और सुकमा जिले में हुए ताबड़तोड़ छापेमारी के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी के हाथ कई अहम सबूत लगे हैं। जिसमें नकद पैसे, हाथ से लिखे कई पत्र, लेवी वसूली से जुड़ी रसीद बुक्स और कई डिजिटल उपकरण भी शामिल हैं। इस छापेमारी के बाद जांच एजेंसी का कहना है कि फिलहाल इस नक्सली हमला मामले की जांच जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े कई और पहलू सामाने आ सकते हैं, जिनमें शामिल लोगों की गिरफ्तारियां भी शामिल हैं।
गौरतलब है कि पूरा मामला दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर थाना क्षेत्र के पेद्का गांव के पास 26 अप्रैल 2023 को दरभा डिवीजन कमेटी के माओवादियों ने हमला किया था। एनआईए इस मामले की जांच जारी रखे हुए है, और अब तक 27 आरोपितों को गिरफ्तार कर दो आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। गिरफ्तार किए गए आरोपितों में धनेंद्र राम ध्रुव उर्फ गुरुजी और रामस्वरूप मरकाम शामिल हैं, जो माओवादियों के सहयोगी बताए गए हैं। ये लोग आईईडी विस्फोट के लिए सहायता उपलब्ध कराने में शामिल थे। एनआईए के अनुसार, 17 नवंबर 2023 को गरियाबंद जिले के बड़ेगोबरा गांव में हुए एक अन्य विस्फोट में भी इनकी भूमिका सामने आई है। यह विस्फोट उस समय हुआ जब मतदान दल और सुरक्षा बल का दल मतदान समाप्त कर लौट रहा था। इस हमले में इंडो-तिब्बती सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 615 एडहॉक बटालियन के एक हेड कांस्टेबल बलिदान हुए थे।
