April 28, 2026

सुरक्षाबल ने ध्वस्त की नक्सलियों की हथियार निर्माण फैक्ट्री

1 min read
Share this

सुकमा। जिले के गोमगुंडा क्षेत्र में सुरक्षाबलों को नक्सलियों के विरूद्ध अभियान के दौरान नक्सलियों के हथियार निर्माण फैक्ट्री मिली, जिसे मौके पर ध्वस्त कर दिया गया है। मौके से 11 नग रायफल (सभी चालू हालात में), हथियार बनाने के उपकरण, मशीनें, गन पार्ट्स, तथा हथियार निर्माण में उपयोग की जाने वाली भारी मात्रा में सामग्री बरामद की गई है। प्रारंभिक जांच में यह फैक्ट्री नक्सलियों द्वारा क्षेत्र में सशस्त्र गतिविधियों को बढ़ाने के उद्देश्य से चलाई जा रही थी। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) की टीम के नेतृत्व में की गई। अभियान के दौरान जवानों ने घने जंगलों में छिपी इस फैक्ट्री का पता लगाकर उसे ध्वस्त कर दिया। बताया जा रहा है कि यह फैक्ट्री नक्सलियों के लिए स्थानीय स्तर पर हथियार और विस्फोटक तैयार करने का प्रमुख केंद्र थी।
घटनास्थल से बरामद हथियार सामग्री में 1. बीजीएल रॉकेट लॉन्चर 1 नग, 2. बीजीएल लॉन्चर 6 नग, 3. 12 बोर राइफल 6 नग, 4. सिंगल शॉट राइफल 3 नग, 5. देशी कट्टा 1 नग, 6. 12 बोर राइफल का बैरल 2 नग, 7. सिंगल शॉट का बैरल 2 नग, 8. हैण्ड ड्रिल मशीन बड़ा 1 सेट, 9. टेबल वाईस 17 नग, 10. बीजीएल बैरल 3 नग, 11. बीजीएल बॉडी कवर 2 नग, 12. लैंप 1 नग, 13. हैण्ड ड्रिल मशीन छोटा 1 सेट, 14. कुल्हाड़ी 1 नग, 15. बंसुला 1 नग, 16. बिजली वायर20 मीटर,17. लोहे का पाईप 5 नग, 18. गिरमिट 2 नग 19. हाथौड़ा 2 नग, 20. ग्राइंडर प्लेट 4 नग, 21. वेल्डिंग हैंड शील्ड 2 नग बरामद।
बीजापुर एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि जब्त किए गए हथियारों और फैक्ट्री के नष्ट होने से नक्सलियों की लाजिस्टिक और आपूर्ति श्रृंखला पर बड़ा असर पड़ेगा। एसपी चव्हाण ने स्पष्ट किया कि अब नक्सलियों के पास बहुत सीमित विकल्प बचे हैं। उन्हें आत्मसमर्पण की राह अपनानी होगी, क्योंकि सुरक्षा बल अब और अधिक आक्रामक रणनीति के साथ अभियान चला रहे हैं। उन्होने बताया कि पुलिस ने बरामद हथियारों, विस्फोटक सामग्री और हथियार निर्माण फैक्ट्री के अवशेषों को अपने कब्जे में लेकर जांच कर रही है। उन्होने कहा कि यह कार्रवाई क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में एक निर्णायक कदम सिद्ध होगी। विगत वर्ष में 545 नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं, 454 नक्सली गिरफ्तार व 64 नक्सली मारे गए हैं, वहीं शेष बचे नक्सलियों पर दबाव निरंतर बढ़ता जा रहा है। उन्होने कहा कि सुरक्षाबलों की कार्यवाही का उद्देश्य केवल नक्सलवाद का उन्मूलन ही नहीं, बल्कि क्षेत्र में स्थायी शांति और विकास की स्थापना है। जो भी नक्सली हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके लिए शासन की पुनर्वास नीति के अंतर्गत सम्मानजनक जीवन की पूर्ण गारंटी है।