कांग्रेस में कार्यकर्ताओं को चमचा बताने और चापलूसी-चमचागिरी करके राजनीति चमकाने की होड़ मची है : शताब्दी
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00 कांग्रेस के बड़े और अनुभवी नेता भी कार्यकर्ताओं को चमचा कहेंगे, तो पार्टी के संगठनात्मक ढाँचे की सहज कल्पना की जा सकती है
रायपुर। कांग्रेस में एक तरफ बड़े नेताओं द्वारा अपने कार्यकर्ताओं को चमचा बताने की होड़ मची हुई है तो दूसरी तरफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी बड़े नेताओं की चापलूसी और चमचागिरी करके अपनी राजनीति चमकाने की होड़ मची हुई है। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता शताब्दी पाण्डेय ने कहा किचापलूसी और चमचागिरी के चलते छत्तीसगढ़ में कांग्रेस 36 धड़ों में बँटी नजर आ रही है और कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट फिर भी एकजुटता का राग अलापकर चले गए!
श्रीमती पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस में कार्यकर्ताओं की राजनीतिक हैसियत एक नए-निराले मापदंड पर नापी जा रही है। अपने ही कार्यकर्ताओं को अब खुले मंच पर अपमानित करना कांग्रेस नेताओं का प्रिय शगल बनता जा रहा है। कांग्रेस सांसद प्रियंका वाड्रा की एक जनसभा का वीडियो काफी वायरल हुआ था जिसमें प्रियंका वाड्रा ने कार्यकर्ताओं को चमचा बताकर उन्हें अपमानित किया था। यह सिलसिला यहीं नहीं थमा। आगे चलकर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को स्लीपर सेल बताकर और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सत्ता-सुखभोगी बताकर अपमानित करने में कोई कसर बाकी नहीं रखी। अब प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मंच से चमचा बता दिया। श्रीमती पाण्डेय ने कहा कि आज यदि कांग्रेस के बड़े और अनुभवी नेता भी पार्टी कार्यकर्ताओं को चमचा कहेंगे, तो पार्टी के संगठनात्मक ढाँचे की सहज कल्पना की जा सकती है। इधर, कांग्रेस में चमचागिरी का एक और लेवल दिख रहा है। चमचागिरी करते वक्त कद्दावर नेता अपने अनुभव को भुलाकर कुर्सी की लालच में किसी की चापलूसी सार्वजनिक मंच से कर रहे हैं और अकेले निर्णय लेकर पार्टी की बागडोर अपने पसंदीदा व्यक्ति को सौंपने की बात कहते हैं, वह यह भी भूल रहे हैं कि जिस व्यक्ति की मंच से पैरवी की जा रही है, वह कई आरोपों से घिरा है।
