जांच के बाद 94 प्रधान पाठकों की पदस्थापना निरस्त
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कांकेर। जिला शिक्षा विभाग में प्रधानपाठकों ने काउंसिलिंग में सही जगह नहीं मिलने पर अपनी सेटिंग कर सिंगल-सिंगल आदेश निकलवाकर अपनी मनचाही जगहों पर पदस्थापना करा ली थी। मामले का खुलासा होने के बाद शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक ने 94 प्रधान पाठकों की पदस्थापना को तत्काल रद्द कर दिया है, साथ ही उन्हें वापस काउंसिलिंग में मिली जगहों पर भेज दिया दिया।

दरअसल, 23 जुलाई 2025 को निरीक्षण के दौरान संयुक्त संचालक ने पदस्थापना संबंधी दस्तावेजों की जांच की थी। इसमें पाया गया कि शासन के निर्देशों की अनदेखी करते हुए 265 स्वीकृत पदों के स्थान पर 55 अतिरिक्त पदों पर भी पदस्थापना कर दी गई थी। यह आदेश उच्च कार्यालय से किसी प्रकार की अनुमति लिए बिना जारी किया गया था। जांच समिति की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि पदोन्नति के बाद पदस्थापना संशोधन शासन के आदेश के विपरीत किया गया। इसी आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी को आदेशित किया गया कि काउंसलिंग प्रक्रिया से हटकर जारी सभी 94 पदस्थापना आदेश निरस्त किए जाएं।
इस मामले में कांकेर जिला शिक्षा अधिकारी रमेश निषाद ने बताया कि ज्वाइंट डायरेक्टर ने इस पर जांच टीम गठित की थी तब पोस्टिंग में खेल की कहानी सामने आया था और वर्तमान में सभी 94 प्रधानपाठकों को मूल स्थान पर भेज दिया गया है। साथ ही नए सिरे से फिर से इनकी काउंसिलिंग की जाएगी।





