कुत्ते काटने पर रैबीज का शिकार होकर मृत मरीज के संदर्भ अस्पताल प्रबंधन ने जारी किया बयान
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रायपुर। डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय में दिनाँक 31.07.2025 को रात 9.40 के आसपास मरीज संतोष ध्रुव, उम्र – 38 वर्ष, पिता – रामसिंग, पता- पंडरिया तखतपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ को उसके भाई बहुरिक ध्रुव के माध्यम से चिकित्सालय के आइसोलेशन कक्ष में रेबीज इंसेफेलाइटिस के उपचार हेतु भर्ती कराया गया था।
जानकारी के मुताबिक संतोष ध्रुव को सात महीने पहले सुबह काम पर जाते समय एक कुत्ते ने काट लिया था। उसने एंटी-रेबीज वैक्सीन न लगवाकर घरेलू इलाज किया। कुछ समय बाद उसकी सेहत खराब हुई। पानी से डर (हाइड्रोफोबिया), चिड़चिड़ापन, हमला करने जैसा व्यवहार परिलक्षित होने पर 31 जुलाई 2025 को उसे रेबीज के लक्षणों के साथ अम्बेडकर अस्पताल लाया गया।
मरीज के रेबीज का उपचार चल रहा था। इसी दौरान दिनांक 2 अगस्त 2025 को सुबह 7:00 बजे के लगभग वार्ड की नर्सिंग स्टाफ को मरीज के परिजनों से सूचना मिली कि मरीज अपने आईसोलेशन कक्ष में नहीं है। नर्सिंग स्टाफ के द्वारा फ़ौरन सुरक्षा गार्डों को मरीज को ढूंढने के लिए निर्देशित किया गया।
इसके कुछ समय बाद लगभग 7.30 बजे के आसपास मरीज संतोष ध्रुव कोविड वार्ड के प्रवेश द्वार के पास बैठा हुआ पाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मरीज ने मुँह एवं चेहरे पर चोट लगने एवं पैरों में दर्द होने की शिकायत की। मरीज घटना के बाद सामान्य स्थिति में अपने परिजनों से बातचीत कर रहा था। (जानकारी के साथ घटना का वीडियो भी संलग्न है।)
मरीज को लगे चोट के उपचार हेतु मरीज को ईएनटी, सर्जरी और ऑर्थो विभाग में दिखाने हेतु निर्देशित किया गया। चेहरे और सिर की संभावित चोट की गंभीरता का पता लगाने के लिए सीटी स्कैन कराना आवश्यक था लेकिन मरीज रेबीज के प्रभाव के कारण इतना एग्रेसिव हो गया था कि उसका सीटी स्कैन कराना संभव नहीं हो सका। मरीज को वापस आईसोलेशन कक्ष में ले जाया गया। इसी दौरान दोपहर 12.30 बजे के आसपास मरीज की मृत्यु हो गई।
चूंकि मरीज रेबीज के उपचार के लिए चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था परंतु मरीज अपने आइसोलेशन कक्ष से बाहर चोटग्रस्त पाया गया इसके कारण मेडिको लीगल की औपचारिकता हेतु पुलिस को सूचना देना आवश्यक था। अतः मरीज की मेडिको लीगल केस की औपचारिकता पूर्ण करने के पश्चात शाम को मरीज की डेड बॉडी को रेबीज प्रोटोकाल का पालन करते हुए मोर्चुअरि में शिफ्ट कर दिया गया जहां पर आज मृतक का पीएम किया जा रहा है। पीएम करने वाले मेडिकल स्टाफ की टीम को प्रोफिलैक्टिक वैक्सीनेशन भी कराया गया। इन सभी औपचारिकताओं को पूर्ण करने में थोड़ा विलंब हुआ परंतु मरीज के परिजनों को भटकाया नहीं गया।
