दुर्ग में ननों की गिरफ्तारी की गूंज दिल्ली तक, संसद भवन के बाहर विपक्ष का प्रदर्शन

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दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में दो कैथोलिक ननों की गिरफ्तारी के खिलाफ विपक्षी दलों ने सोमवार को संसद भवन के बाहर प्रदर्शन किया। विपक्ष के सांसदों ने भाजपा पर धार्मिक अल्पसंख्यकों का दमन करने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस, और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद भवन के बाहर हाथ में पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। सांसदों ने छत्तीसगढ़ में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार का आरोप लगाया।इस घटना को लेकर कांग्रेस के नेता राहुल गांधी और के.सी. वेणुगोपाल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भाजपा पर तीखा हमला बोला।
बताया गया कि तीन व्यक्तियों, जिनमें दो कैथोलिक नने और एक अन्य व्यक्ति शामिल थे, को रेलवे पुलिस ने मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, इन ननों को कथित रूप से धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार किया गया, और उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। गिरफ्तार होने वाली ननें, प्रीति मेरी और वंदना फ्रांसिस, जो आगरा से आई थीं, और सुखमण मंडावी, जो नारायणपुर से थी, को दुर्ग रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। ये तीनों महिलाएं कथित रूप से 18 से 20 वर्ष की तीन युवतियों के साथ थीं, जो दक्षिण बस्तर के नारायणपुर जिले से थीं। यह समूह आगरा में प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों के लिए यात्रा करने की योजना बना रहा था।
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इन्हें स्टेशन पर देखा और आरोप लगाया कि यह समूह धर्मांतरण के लिए युवतियों को ले जा रहा था। इसके बाद बजरंग दल ने दुर्ग जीआरपी पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और इन ननों और अन्य आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।