नक्सलियों के खिलाफ पूना मारगेम-पुनर्वाव से पुनर्जीवन अभियान से लाल आतंक पर करारा प्रहार
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बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में पुलिस नक्सलियों के खिलाफ पूना मारगेम यानी पुनर्वाव से पुनर्जीवन अभियान चला रही है। पिछले 2-3 दिन पहले ही इस नए अभियान की शुरुआत हुई है, जिसका गुरूवार को बड़ा परिणाम देखने को मिला जिसके तहत बस्तर संभाग में एक साथ एक ही दिन में 4 जिले में 2 करोड़ 27 लाख रुपए के इनामी 67 नक्सलियों के आत्मसमर्पण से ‘लाल आतंक’ को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है। वहीं बस्तर संभाग में पहली बार नक्सली संगठन के स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर कैडर के किसी नक्सली ने आत्मसमर्पण किया है। इस कैडर के नक्सली भले ही छत्तीसगढ़ के ही क्यों न हो लेकिन वे पड़ोसी राज्य तेलंगाना में आत्मसमर्पण करते थे । 24 जुलाई को बीजापुर में 25 लाख रुपए के इनामी स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर कैडर के नक्सली रामन्ना इरपा उर्फ जगदीश उर्फ विकेश निवासी बीजापुर ने आत्मसमर्पण किया है। इसके बाद और भी बड़ी सफलता उम्मीद की जा रही है।
बीजापुर में आत्मसमर्पण के बाद रामन्ना इरपा उर्फ जगदीश उर्फ विकेश ने कहा कि छोटी उम्र में ही नक्सलवाद की विचारधारा से प्रभावित होकर नक्सल संगठन में भर्ती हो गया था। पहले नक्सली जल-जंगल-जमीन को बचाने की बात करते थे, लेकिन अब उनकी विचारधारा बदल गई है। उनकी दोहरी नीति है, हम विकास चाहते हैं, इसलिए हथियार डाल दिए।
25 लाख रुपए के इनामी और स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर कैडर के नक्सली रामन्ना इरपा उर्फ जगदीश उर्फ विकेश वर्ष 2002 से नक्सल संगठन में सक्रिय था। ये ओडिशा राज्य कमेटी सदस्य, कंपनी नंबर 8 इंचार्ज और कमांडर, ओडिशा पूर्वी सब जोनल ब्यूरो कमांडर इन चीफ समेत अन्य कैडर में सक्रिय रहा है। रामन्ना इरपा उर्फ जगदीश उर्फ विकेश छत्तीसगढ़ और ओडिशा में कई बड़ी नक्सल वारदातों में भी शामिल रहा है। छत्तीसगढ़ में ट्रेनिंग देने के बाद नक्सली इसे पड़ोसी राज्य ओडिशा भेज दिए थे। यहीं इसने ज्यादा समय बिताया है। वहीं तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के बड़े कैडर्स के साथ काम कर चुका है। ऐसे में पुलिस को इसके आत्मसमर्पण से नक्सली संगठन के कई अहम सुराग मिल सकते हैं।
