एचएनएलयू ने एआई और कानून पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की घोषणा; शोध पत्र आमंत्रित

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रायपुर।हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचएनएलयू), रायपुर ने “कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उभरता हुआ न्यायशास्त्र: सामाजिक-वैधानिक प्रभाव” विषय पर एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की घोषणा की है, जो 20 सितंबर 2025 (शनिवार) को ऑनलाइन आयोजित होगा।
यह सम्मेलन एचएनएलयू के सेंटर फॉर इंटरनेट गवर्नेंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (CIGAI) और सेंटर फॉर प्राइवेसी एंड डेटा प्रोटेक्शन (CPDP) द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में एआई के बढ़ते उपयोग से उत्पन्न कानूनी, नैतिक और सामाजिक चुनौतियों पर चर्चा करना है।
इस कार्यक्रम में एआई का कानूनी प्रक्रियाओं पर पड़ने वाले परिवर्तनकारी प्रभावों की गहन समीक्षा की जाएगी, जिनमें मुकदमे की रणनीति में पूर्वानुमान विश्लेषण, एआई-सहायता प्राप्त कानूनी शोध और न्यायिक प्रणालियों में स्वचालित निर्णय शामिल हैं। साथ ही एआई अनुप्रयोगों को संचालित करने के लिए आवश्यक नियामक ढांचे और नैतिक मानकों के विकास पर भी चर्चा होगी, ताकि मानवाधिकारों और कानूनी मानदंडों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
एआई के उपयोग से उत्पन्न उत्तरदायित्व और जवाबदेही के प्रश्न — विशेष रूप से तब जब स्वायत्त प्रणालियों में कोई गड़बड़ी हो या नुकसान हो — पर भी प्रमुखता से विचार किया जाएगा। सम्मेलन में गोपनीयता और डेटा सुरक्षा पर एआई के प्रभाव का विश्लेषण भी किया जाएगा, ताकि बिग डेटा और मशीन लर्निंग के दौर में व्यक्तिगत जानकारी की रक्षा के लिए कानूनी उपाय तलाशे जा सकें। अन्य महत्वपूर्ण विषयों में बौद्धिक संपदा से जुड़ी चुनौतियां, न्याय तक पहुंच बढ़ाने में एआई की क्षमता, एल्गोरिदमिक पूर्वाग्रह के जोखिम, पर्यावरण संरक्षण में एआई की भूमिका और साइबर सुरक्षा शामिल हैं।
शोध पत्र शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, पेशेवरों, विद्यार्थियों और अन्य हितधारकों से आमंत्रित किए गए हैं। चयनित शोध पत्रों को ISBN युक्त संपादित पुस्तक में प्रकाशित किया जा सकता है। सम्मेलन में प्रस्तुत किए गए सर्वश्रेष्ठ तीन शोध पत्रों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
प्रतिभागियों के लिए महत्वपूर्ण तिथियां इस प्रकार हैं: 20 अगस्त तक सारांश जमा करने की अंतिम तिथि, 25 अगस्त तक चयनित सारांश की सूचना, 5 सितंबर तक पंजीकरण और शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि, और 10 सितंबर तक पूर्ण शोध पत्र जमा करने की अंतिम तिथि। पंजीकरण शुल्क छात्रों और शोधार्थियों के लिए ₹1,000, शिक्षकों के लिए ₹1,500 तथा विदेशी प्रतिभागियों के लिए 30 अमेरिकी डॉलर निर्धारित है।
अपनी 20वीं वर्षगांठ मना रहा एचएनएलयू शोध, शिक्षा और जनहित में तकनीक और कानून को जोड़ने के अपने प्रयासों को जारी रखे हुए है। विस्तृत दिशा-निर्देश और विषय-वस्तु विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। इच्छुक प्रतिभागियों से अनुरोध है कि वे शीघ्र ही अपना सारांश और संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत करें।