रायपुर शहर में सभी डायवर्टेड प्लाटों/मकानों को दर्ज कर दिया गया पटवारी के रिकार्ड में – राजस्व मंत्री
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रायपुर। विधानसभा में रायपुर दक्षिण के विधायक सुनील कुमार सोनी ने रायपुर शहर में सभी डायवर्टेड प्लाटों/मकानों को क्या पटवारी के रिकार्ड में भी दर्ज कर दिया गया है ? अगर नहीं तो क्यों ? इसके लिए कौन जवाबदेह है ? यह कार्य कब तक पूरा किया जायेगा? का मामला उठाया। इस पर राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने सदन को बताया कि रायपुर शहर में सभी डायवर्टेड प्लाटों/मकानों को पटवारी के रिकार्ड में भी दर्ज कर दिया गया है। चूंकि यह सतत् प्रक्रिया है इसलिए नये भूमि स्वामी/मकान स्वामी द्वारा क्रय/अन्य माध्यम से अर्जन होने पर विधिवत न्यायालय में प्रकरण दर्ज कर आदेश उपरांत पटवारी द्वारा रिकार्ड में दर्ज किया जाता है।
सोनी ने फिर पूछा कि कंडिका (क) के प्लाट एवं मकानों की खरीदी बिक्री में नागरिकों की सुविधा के लिए क्या किया जा रहा है ? क्या ऐसे प्रकरणों में पटवारी रिकार्ड में दर्ज करने के नाम पर तहसील एवं अनुभाग कार्यालय के चक्कर नागरिकों को लगाना पड़ रहा है ? शासन क्या कार्यवाही करेगा ? राजस्व मंत्री ने बताया कि कंडिका (क) के प्लाट एवं मकानों की खरीदी बिक्री में नागरिकों की सुविधा के लिए वर्तमान में रजिस्ट्री उपरांत स्वत: नामांतरण उपरांत ऑनलाईन डिजिटल बी1 खसरा पांचसाला स्वत: जनरेट होता है। सोनी ने फिर पूछा कि कंडिका (क) के प्रकरण भू-अभिलेख में अद्यतन नहीं हैं तो वही प्रकरण दोबारा दर्ज करने की कार्यवाही भू-राजस्व संहिता की किस धारा के तहत किया जा रहा है? क्या इसकी जांच कराई जायेगी? हाँ तो कब तक? राजस्व मंत्री ने बताया कि कंडिका (क) के प्रकरण यदि ऑनलाईन भू-अभिलेख में अद्धतन नहीं है तो ऐसे प्रकरण त्रुटि सुधार अंतर्गत भू-राजस्व संहित की धारा 115 के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही की जाती है।
