April 30, 2026

हिमाचल में मौसम का तांडव,51 की मौत, 30 लापता,131 को बचाया

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धर्मशाला(हिमाचल प्रदेश)। हिमाचल में मौसम का तांडव जारी है। बारिश बादल फटने और बाढ ने कहर ढा दिया जिसका सीधा असर इन क्षेत्रों के जनजीवन पर हुआ है। मंगलवार को सूबे के  मंडी जिले बादल फटने से जान-माल का भारी नुकसान होने के साथ ही 51 लोगों के मारे जाने और 30 से अधिक लोगों के लापता होने की खबरें हैं। यद्यपि जिला प्रशासन ने ग्रामीणों के सहयोग से 151 लोगों का रेस्क्यू कर उन्हें बचा लिया।

ऐजेंसी तथा अन्य सूत्रों से प्राप्त समाचारों के अनुसार मंगलवार को बादल फटने और आई बाढ के चलते गोहर, करसोग, थुनाग व धर्मपुर उपमंडल में सात स्थानों पर मकान जमींदोज हो गये वहीं बाढ़ के पानी में बहने से 10 लोगों की मौत हो गई जबकि 30 लोग लापता हैं। गोहर उपमंडल में पांच, सराज में चार व करसोग में एक व्यक्ति की मौत हुई है।ग्रामीणों व प्रशासन ने 132 लोगों बचाया है। हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश, अचानक बाढ़ और भूस्खलन के कारण कम से कम 51 लोगों की जान चली गई है और 22 अन्य लापता हैं।

हिमाचल प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग के तहत राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) ने 20 जून से 1 जुलाई तक की अवधि को कवर करते हुए 2 जुलाई को एक संचयी क्षति आकलन रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट में राज्य के 12 जिलों में मानव जीवन, निजी संपत्तियों, पशुधन और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को हुए महत्वपूर्ण नुकसान होने की बात कही गई।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश में इस आपदा के कारण अब तक 500 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है जिसके और बढने की आशंका है।जहां पर नुकसान हुआ है वहां राहत और पुनर्वास में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश सरकार आपदा की घड़ी में लोगों के साथ खड़ी है और हर स्थिति से निपटने का हरसंभव प्रयास कर रही है। लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े, बिजली आपूर्ति हो या सड़क सुविधा सुचारू हो, इस बात को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा कार्य किया जा रहा है।