May 14, 2026

6 जुलाई को खरतरगच्छाधिपति आचार्य श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. का बाड़मेर में चातुर्मास प्रवेश

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00 चातुर्मास को लेकर तैयारियां जोरो पर, प्रवेश पर स्वागत में लगेंगे 40 तोरण द्वार
00 40 वर्ष बाद आचार्यश्री का चातुर्मास वापस बाड़मेर खरतरगच्छ संघ में होगा, चतुर्विध संघ करेगा अगुवानी
रायपुर। थार नगरी बाड़मेर में जैन समुदाय के श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ में खरतरगच्छाधिपति आचार्य श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. व बहिन म.सा. साध्वी डॉ. विधुत्प्रभाश्री आदि ठाणा का 2025 के सर्वमंगलमय संघशास्ता वर्षावास को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही है।
श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ चातुर्मास व्यवस्था कमेटी बाड़मेर के अध्यक्ष अशोक धारीवाल व सचिव बाबुलाल बोथरा हेमरत्न ने बताया कि खरतरगच्छाधिपति आचार्य श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. व बहिन म.सा. साध्वी डॉ. विधुत्प्रभाश्री आदि ठाणा का खरतरगच्छ संघ की राजधानी बाड़मेर नगर में चातुर्मासिक नगर प्रवेश 06 जुलाई को गाजे बाजे व सामैया के साथ होगा। गुरुदेव का बाड़मेर में चातुर्मास दीक्षा के बाद प्रथम चातुर्मास गुरूदेव आचार्य कांतिसागरसूरीजी म.सा. के साथ करिब 40 साल पहले हुआ था, इसके बाद वापस 2025 का चातुर्मास बाड़मेर में हो रहा है, जिनके स्वागत के लिए बाड़मेर नगर प्रवेश में 40 तोरण द्वार व चतुर्विध संघ की अगुवानी में होगा स्वागत। चातुर्मास को भव्यता प्रदान करने के लिए विभिन्न समितियों का गठन करके उनके दायित्व उन्हें सौंप दिए गए बाड़मेर खरतरगच्छ संघ को पैतीस वर्ष बाद खरतरगच्छाधिपति व बहिन म.सा. का एक साथ चातुर्मास प्राप्त होने से संघ में हर्ष एवं उल्लास का माहौल बना हुआ है एवं चातुर्मास प्रवेश को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही जो चरम पर है। चातुर्मास के चार माह आध्यात्मिक प्रवचनों की अविरल गंगा बहेगी एवं त्याग, तप, आराधना की त्रिवेणी संगम होगा। खरतरगच्छाधिपति व बहिन म.सा. पाली क्षेत्र में विचरण करते हुए 06 जुलाई को बाड़मेर में चातुर्मास हेतु नगर प्रवेश होगा। गुरूदेव के 06 जुलाई को चातुर्मास प्रवेश पर बाहर आने वाले गुरूभक्तों के लिए आवास की व्यवस्था सतीष छाजेड़ व कैलाश धारीवाल को दी गई है जो अग्रिम सूचना जरूर देवे।
चातुर्मास प्रवेश की यहां से निकलेगी भव्य शोभायात्रा-उपाध्यक्ष ओमप्रकाश भंसाली ने बताया कि खरतरगच्छाधिपति व बहिन म.सा. के चातुर्मास प्रवेश की शोभायात्रा कल्याणपुरा पाश्र्वनाथ मन्दिर महावीर चैक से भव्य सामैया के साथ प्रारम्भ होगी जो नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए चातुर्मास स्थल जिनकांतिसागरसूरि आराधना भवन होती हुई, प्रवचन स्थन सुधर्म प्रवचन वाटिका कोटडिय़ा नाहटा ग्राउण्ड विधापीठ के पास पहुंचेगी, जहां पर प्रवचन सभा का आयोजन होगा। प्रवेश शोभायात्रा में राजस्थानी गैर नृत्य, रंगोलियां, घोड़े, बैण्ड, ढ़ोल इत्यादि मुख्य आकर्षक के केन्द्र रहेगें।
चातुर्मास की झलकियां-कोषाध्यक्ष बाबूलाल छाजेड़ कवास ने बताया कि चातुर्मास में प्रतिदिन प्रात: नित्य भक्तामर पाठ, गुरू इकतीसा पाठ, महामंत्र नवकार आराधना, महापूजन, संस्कार-ज्ञान-ध्यान शिविर, शंखेश्वर अ_म, तत्वरसिक प्रवचन, नित्य सामायिक-प्रतिक्रमण, पापों के प्रक्षालन हेतु पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व की सामुहिक आराधना आदि अनेकविध अभूत अनुष्ठान इत्यादि अनके कार्यक्रम इस चातुर्मास के दौरान सम्पन्न होगें। चार माह में 10 जुलाई गुरू पूर्णिमा, 30 जुलाई खरतरगच्छ दिवस, 20 अगस्त पर्युषण महापर्व प्रारम्भ, 27 अगस्त संवत्सरी महापर्व, 22 सितम्बर महामांगलिक, 29 सितम्बर ओलीजी आराधना प्रारम्भ, 07 अक्टूबर नवपद ओलीजी समापन सहित कई कार्यक्रम होंगे। चातुर्मास में गुरूदेव का प्रतिदिन प्रवचन प्रात: 09.15 बजे से 10.15 बजे तक होगा।