सिविल लाइन्स रेसिडेंट्स एसोसिएशन का पुनर्गठन, रामकुमार शुक्ला नए अध्यक्ष
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00 आमसभा में सर्वसम्मति से चुनाव, दो वर्षों के लिए कार्यकारिणी की घोषणा
रायपुर। सिविल लाइन्स रेसिडेंट्स एसोसिएशन की वार्षिक आमसभा का आयोजन वृंदावन हॉल सिविल लाइन्स में हुआ। सभा की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ सदस्य गोपाल प्रसाद अग्रवाल ने एसोसिएशन के पुनर्गठन की जानकारी देते हुए अध्यक्ष पद के लिए नाम आमंत्रित किए। इस पर वरिष्ठ सदस्य सुशील अग्रवाल द्वारा वरिष्ठ सदस्य रामकुमार शुक्ला के नाम का प्रस्ताव रखा गया, जिसका समर्थन पूर्व अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने किया। सर्वसम्मति से श्री शुक्ला एसोसिएशन के नए अध्यक्ष निर्वाचित हुए। अध्यक्ष श्री शुक्ला ने एसोसिएशन को और अधिक सक्रिय व प्रभावशाली बनाने का संकल्प लेते हुए आगामी दो वर्षों के लिए कार्यकारिणी समिति की घोषणा की।
नई कार्यकारिणी समिति में जसपाल सिंह, हिन्दर सिंग गरचा एवं योगिता हुड्?डा को उपाध्यक्ष, मनोज परसरामपूरिया को सचिव, प्रवीण कटेला को संयुक्त सचिव, विकास पारख को कोषाध्यक्ष तथा सीए रमेश अग्रवाल को लेखापरीक्षक नियुक्त किया गया। इसके अतिरिक्त कार्यकारिणी सदस्य के रूप में ओम अग्रवाल, उमेश अग्रवाल, दीपक गुप्ता, अशोक कांकरिया, जवाहर नैनानी, अतुल श्रीवास्तव, मनीष डागा और श्रीमती दलजीत जब्बल को सम्मिलित किया गया। एसोसिएशन के इतिहास में पहली बार किसी महिला को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
परंपरागत तौर से एसोसिएशन में वर्तमान मुख्यमंत्री को मुख्य संरक्षक के रूप में मान्यता दी जाती है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप-मुख्यमंत्रीगण अरुण साव एवं विजय शर्मा संघ के मुख्य संरक्षक मनोनीत किए गए। इसके अतिरिक्त आसूदाराम वाधवानी, बलदेव सिंह भाटिया, गोपाल प्रसाद अग्रवाल, राजेश अग्रवाल एवं सुशील अग्रवाल एसोसिएशन के संरक्षक के रूप में प्रस्तावित किए गए। एसोसिएशन को इन सभी वरिष्ठ नागरिकों के मार्गदर्शन में कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा, जिससे एसोसिएशन को नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी।
सभा के दौरान एसोसिएशन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर संक्षिप्त चर्चा की गई, जिसमें लंबित कानूनी अनुपालनों जैसे ऑडिट रिपोर्ट, आयकर रिटर्न एवं सामान्य बैठक कार्यवाही का निष्पादन करना, सिविल लाइन्स क्षेत्र का 9 स्ट्रीट में विभाजन, एसोसिएशन का नया खाता खोलने संबंधी निर्णय, एसोसिएशन के पंजीकृत कार्यालय पते में बदलाव शामिल थे। इसके अतिरिक्त गांधी उद्यान की स्थिति तथा एसोसिएशन की सदस्यता शुल्क से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई।
