माहेश्वरी साड़ी महिलाओं के स्वावलंबन की प्रतीक: विशाखा
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*भारतीय मजदूर संघ ने अहिल्या बाई होलकर जयंती पर मनाया राष्ट्रीय महिला दिवस*
रायपुर। पुण्यश्लोका लोकमाता रानी अहिल्या बाई होलकर ने महिलाओं की शिक्षा और उनके आर्थिक स्वावलंबन के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए। बनारस के हाथ करघा बुनकरों को महेश्वर में बसाकर कपड़ा मिल की स्थापना की। आज भी माहेश्वरी साड़ी रानी अहिल्या बाई की देन है, साथ ही होलकर साम्राज्य में महिलाओं के स्वालंबन की प्रतीक भी।
इस आशय के विचार महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने रानी अहिल्या बाई होलकर जयंती पर भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) जिला रायपुर द्वारा आयोजित राष्ट्रीय महिला दिवस पर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि लोकमाता ने आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक क्षेत्र में समग्र सुधार, सैकड़ों मंदिर और घाटों का निर्माण और पुराने का जिर्णोद्धार, पर्यावरण, स्वस्थ्य, शिक्षा, जीवों के संरक्षण, अपने साम्राज्य के बुनियादी ढांचे को सशक्त करने जैसे अनेक उल्लेखनीय कार्य किए।
बीएमएस की ओर से रानी अहिल्या बाई होलकर जयंती पर राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने के निर्णय के प्रकाश में शनिवार को बीएमएस रायपुर जिला शाखा ने महाराष्ट्र मंडल में यह आयोजन किया। जिला बीएमएस के वरिष्ठ सदस्य एवं महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने अपने उद्द्बोधन में बीएमएस की सविस्तार जानकारी दी। मुख्य अतिथि लीना मोहन एंटी ने रानी अहिल्या बाई होलकर के जीवन की संघर्षपूर्ण उपलब्धियों पर चर्चा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विभाग प्रमुख कोमल साहू ने आभार प्रकट करते हुए कार्यक्रम के समापन किया। कार्यक्रम का संचालन जिला बीएमएस के जिला मंत्री परमेश्वर कन्नौजे ने किया। कार्यक्रम में पवन ओगले, अचिंत बाराई, अंजू शर्मा, लेखराम साहू अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
