प्रदेश में बढ़ते अपराध के पीछे कई कांग्रेसी नेताओं का हाथ – डॉ. मिश्रा
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00 छत्तीसगढ़ की फिजा खराब करने कई कांग्रेसी नेता अब अपने घर में काम करने वालों को भी अपराधी बनाने लगे – भाजपा
रायपुर। प्रदेश में बढ़ते अपराध के पीछे कई कांग्रेसी नेता और उनके कार्यकर्ताओं का हाथ होता है। छत्तीसगढ़ में लोग शांतिपूर्वक जीवन व्यतीत करें यह कांग्रेसी नेता नहीं चाहते। अपराध करने की आदि हो चुकी कांग्रेस पार्टी के कई नेता अब अपने घर में काम करने वाले लोगों को भी अपराधी बनाने का काम कर रहे है और उन्हें प्रदेश में अपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के लिए तैयार कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ विजय शंकर मिश्रा ने कहा कि भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक से मोबाइल लूटने वाला आरोपी का एक सीनियर कांग्रेस लीडर के घर आना-जाना था। अपराधी के पिता भी कांग्रेस नेता के घर काम करते हैं। जो इस बात को साबित करती है कि हर अपराध के पीछे कांग्रेस एवं कांग्रेसी नेताओं का हाथ होता है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी के कई नेताओं पर केंद्रीय जांच एजेंसियों (जैसे श्वष्ठ) और स्थानीय पुलिस द्वारा अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की गई है। इनमें कई कांग्रेसी नेता का नाम बड़े घोटालों से लेकर स्थानीय स्तर के वित्तीय और अन्य अपराधों के मामले शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कोयले घोटाले से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (श्वष्ठ) द्वारा छत्तीसगढ़ में करीब ?540 करोड़ के कथित कोयला लेवी घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी की गई। जिसमें प्रमुख रूप से प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल का नाम आया। श्वष्ठ ने इनके परिसरों पर छापेमारी की। कांग्रेस पार्टी ने अवैध कोयला लेवी से वसूला गया पैसा पार्टी फंड और चुनावी खर्चों में इस्तेमाल किया। इसके साथ ही सतीश अग्रवाल (भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के पूर्व अध्यक्ष) और आर.पी. सिंह (कांग्रेस प्रवक्ता) के ठिकानों पर भी कथित तौर पर घोटाले की राशि का लाभार्थी होने के संदेह में जांच और छापेमारी की गई थी।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में जनवरी 2026 में, कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को जांजगीर-चांपा जिले में एक किसान से लगभग ?43 लाख की धोखाधड़ी और जालसाजी करने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया। यह मामला उनके जिला सहकारी समिति के प्रबंधक रहने के दौरान का है। वहीं अगस्त 2024 में भिलाई से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को बलौदाबाजार में सतनामी समाज के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और कलेक्ट्रेट भवन में आगजनी के मामले में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके साथ ही अरुण तिवारी (पूर्व विधायक, सीपत/बेल्तरा) और बृजमोहन सिंह (कांग्रेस नेता, भिलाई) को जून 2025 में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोपों के तहत स्थानीय पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था। रायपुर में लूट के एक मामले में ओम प्रकाश साहू (कांग्रेस पार्षद, रायपुर) का नाम आने के बाद इन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही विभिन्न आपराधिक घटनाओं में कांग्रेस पार्टी के नेता एवं एनएसयूआई के कई कार्यकर्ताओ का नाम लगातार सामने आता रहा। यह अब पूरी तरह से जग जाहिर हो चुका है कि कांग्रेस का हाथ अपराधियों के साथ और हर अपराध में कांग्रेसियों का हाथ।
