May 15, 2026

नीट 21 जून को अगले वर्ष से कम्प्यूटर आधारित होगी परीक्षा

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नई दिल्ली। मेडिकल में दाखिले के लिये राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट की नई तारीख का ऐलान कर दिया ।(NEET-UG) की पुन: परीक्षा अब 21 जून को आयोजित की जाएगी।अगले वर्ष आयोजित होने वाली नीट की परीक्षा कम्प्यूटर आधारित होगी। यह जानकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को दी दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए  दी। उन्होने कहा कि  पुन: परीक्षा के लिए छात्रों को अपनी पसंद का परीक्षा शहर चुनने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। सभी छात्रों के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार अगले वर्ष से परीक्षा का कंप्यूटर आधारित टेस्ट मोड पर नीट आयोजित करने की जुगत में है जोOMR की तुलना में अधिक सुरक्षित है। यद्यपि यहां भी साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती है, लेकिन हमें देश की व्यवस्था पर पूरा भरोसा रखना होगा उन्होने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि यह अहम फैसला सरकार ने पेपर लीक के आरोपों और छात्रों के विरोध के बाद सरकार ने लिया। सरकार छात्रों की कड़ी मेहनत और उनके प्रयासों के प्रति हमेशा संवेदनशील रही है। उन्होंने कहा, “हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता छात्र और उनका भविष्य है। हम किसी भी योग्य छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।”

नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस पूरे प्रकरण में सरकार द्वारा की जा रही कार्रवाई की बिन्दुवार जानकारी देते हुए बताया कि 3 मई को नीट आयोजित की गई थी। लेकिन 7 मई तक, NTA की शिकायत निवारण प्रणाली के माध्यम से कई आपत्तियां सामने आने लगीं। इन शिकायतों में दावा किया गया था कि कथित गेस पेपर में दिए गए कुछ प्रश्न इस साल के मुख्य प्रश्नपत्र में भी हूबहू आए थे। शिकायतें मिलने के तुरंत बाद, NTA, सरकार और उच्च शिक्षा विभाग ने मिलकर एक प्रारंभिक जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे भारत सरकार की संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया गया।

धर्मेंद्र प्रधान ने बताया, “पहली नजर में यह मामला दो या तीन राज्यों से जुड़ा हुआ प्रतीत हुआ। इसलिए, हमने तुरंत उन राज्यों की जांच एजेंसियों के साथ भी समन्वय स्थापित किया। यह पूरी प्रक्रिया 7 मई की रात को ही प्रभावी रूप से शुरू कर दी गई थी और 8 मई से आगे तक जारी रही।”जांच प्रक्रिया के बारे में बताते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि 8, 9, 10 और 11 मई तक चली जांच के बाद स्थिति बिल्कुल साफ हो गई थी। एजेंसियों को यह निश्चित हो गया कि ‘गेस पेपर’ की आड़ में वास्तव में पेपर लीक किया गया था।

उन्होंने कहा, “पूरी स्पष्टता मिलने के बाद, 12 मई को हमने छात्रों के हित में कड़ी कार्रवाई की। हमने यह सुनिश्चित किया कि शिक्षा माफियाओं की किसी भी साजिश के कारण, या अनुचित साधनों से अयोग्य उम्मीदवारों को लाभ मिलने की वजह से, कोई भी योग्य और मेधावी छात्र अपने अधिकारों से वंचित न रहे।” सरकार के इस कदम के बाद, अब लाखों छात्रों को 21 जून को होने वाली नई परीक्षा की तैयारी के लिए कमर कसनी होगी।

उन्होंने आगे कहा कि हम नहीं चाहते थे कि किसी भी योग्य छात्र को धोखेबाज़ उम्मीदवारों की चालबाज़ियों या शिक्षा माफिया की साजिशों की वजह से उसके अधिकारों से वंचित होना पड़े। पिछली बार सामने आई अनियमितताओं के बाद, राधाकृष्णन समिति का गठन किया गया था, और हमने 2025 और 2026 दोनों के लिए उसकी सिफारिशों को लागू किया। इसके बावजूद, यह घटना घटित हुई। इसलिए, हमारा पहला फैसला परीक्षा रद करने का था।सरकार ने पेपर लीक का यह मामला तुरंत केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दिया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया कि NTA के अंदर हो या बाहर, किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार की कदाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति है और सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाने वाले परीक्षा माफियाओं को कड़ी चेतावनी दी गई है।