May 9, 2026

आयकर अधिनियम 2025 में हुए बड़ेे बदलावों पर चेंबर में हुई विशेष कार्यशाला

1 min read
Share this

रायपुर। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, रायपुर द्वार चेम्बर भवन में नवीन आयकर अधिनियम 2025 – प्रमुख प्रावधान एवं महत्वपूर्ण बदलाव विषय पर एक महत्वपूर्ण परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अजमेर से पधारे सुप्रसिद्ध टैक्स एक्सपर्ट एवं आईसीएआई के पूर्व क्षेत्रीय परिषद सदस्य सी.ए. अंकित सोमानी रहे, जिन्होंने व्यापारियों एवं प्रोफेशनल्स को नए कानून की बारीकियों और भविष्य की चुनौतियों के प्रति जागरूक किया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता सी.ए. अंकित सोमानी ने विस्तार से बताया कि नया आयकर अधिनियम 2025 कर अनुपालन की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने बताया कि जहाँ एक ओर छोटे एवं मध्यम वर्ग के व्यापारियों के लिए प्रिजम्पटिव टैक्सेशन की सीमा में वृद्धि और ऑडिट नियमों में सरलता दी गई है, वहीं दूसरी ओर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग के कारण विभाग की नजर अब हर वित्तीय लेनदेन पर बहुत बारीक है। उन्होंने व्यापारियों को आगाह किया कि वे अपने डिजिटल फुटप्रिंट्स और वित्तीय आंकड़ों के मिलान पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि अब छोटी सी तकनीकी चूक भी भविष्य में बड़ी पेनल्टी या टैक्स लायबिलिटी का रूप ले सकती है।
सोमानी ने साथ में यह भी बताया कि फॉर्म 15जी और 15एच की जगह अब एक एकीकृत फॉर्म 121 लाया गया है जो कागजी कार्यवाही को काफी कम कर देगा। यह कानून केवल प्रक्रिया को सरल नहीं बनाता बल्कि करदाताओं को राहत भी प्रदान करता है। नए एक्ट में छोटी-मोटी तकनीकी गलतियों के लिए कठोर दंडात्मक प्रावधानों को नरम किया गया है ताकि ईमानदारी से टैक्स भरने वालों के मन से डर खत्म हो सके। कुल मिलाकर यह नया कानून डिजिटल इंडिया के दौर में टैक्स भरने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने की एक सशक्त कोशिश है जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी रूप से लागू हो चुका है।
चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने अपने संबोधन में कहा कि नवीन आयकर कानून व्यापारियों के लिए प्रगति का नया मार्ग खोल सकता है, लेकिन इसके लिए कानून की सही जानकारी होना अनिवार्य है। अक्सर जानकारी के अभाव में व्यापारी अनजाने में गलतियाँ कर बैठते हैं, जो बाद में परेशानी का सबब बनती हैं। श्री थौरानी ने जोर देते हुए कहा कि चेम्बर का मुख्य उद्देश्य अपने सदस्यों को जागरूक और सशक्त बनाना है ताकि वे विभाग के नोटिस से घबराने के बजाय सही नियमों के साथ अपना व्यापार निर्भय होकर संचालित कर सकें। उन्होंने विश्वास जताया कि इस कार्यशाला के माध्यम से व्यापारी भाई नए प्रावधानों को समझकर बेहतर टैक्स प्लानिंग कर पाएंगे और अनावश्यक कानूनी उलझनों से बच सकेंगे।
कार्यक्रम के दौरान व्यापारियों की जिज्ञासाओं और शंकाओं का समाधान करते हुए सी.ए. सोमानी ने नकद लेनदेन और टीडीएस कटौती जैसे विषयों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया। इस सफल आयोजन में शहर के प्रतिष्ठित व्यापारी, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और चेम्बर के पदाधिकारियों ने बड़ी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के अंत में चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी द्वारा मुख्य वक्ता सी.ए. श्री अंकित सोमानी जी को स्मृति चिह्न एवं शॉल भेंट कर उनके बहुमूल्य मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष निकेश बरडिय़ा, सलाहकार- लखमशी पटेल, संतोष जैन, वाइस चेयरमैन चेतन तारवानी, कार्यकारी अध्यक्ष- राधाकिशन सुंदरानी, राजेश वासवानी, जसप्रीत सिंह सलूजा, कार्यकारी महामंत्री कपिल दोशी, उपाध्यक्ष-लोकेश चंद्रकांत जैन, हरिराम तलरेजा, महेंद्र बगरोडिय़ा, वासुदेव जोतवानी, अश्वनी विग, प्रकाश लालवानी, नरेंद्र हरचंदानी, जितेंद्र शादीजा, विकास पंजवानी, दिलीप इसरानी, अनिल केवलानी, विनय साहू, अजय जयसिंघानी, मंत्री- प्रशांत गुप्ता, आकाश धावना, प्रशांत गुप्ता, रितेश वाधवा, जतिन नचरानी, दीपक विधानी, भरत प्रधनानी, धनेश मटलानी आशीष वासवानी, प्रेमप्रकाश मध्यानी, पंकज छिजवानी, लोकेश साहू, प्रकाश माहेश्वरी, ट्रांसपोर्ट चेम्बर अध्यक्ष हरचरण सिंह साहनी, सांस्कृतिक प्रभारी अनिल जोतसिंघानी, कांकेर चेंबर इकाई महामंत्री विक्रम देवनानी, रायपुर सायकल मर्चेंट एसोसियेशन के सचिव श्री हरीश संतवानी, छत्तीसगढ़ प्रिंटर्स एसोसियेशन के सदस्य- अमर परचानी, डिस्ट्रिकेमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसियेशन के अध्यक्ष् विनय कृपलानी, सदस्य- प्रणव कुमार, कृष्ण पाल, रुपेश चैधरी, सुभाष अग्रवाल, अंगद बहल, नरसिंह भाई पटेल, मनीष सिंह आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।