आईसीएआर–राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग पर किया जागरूक
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रायपुर।भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत कार्यरत राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान (आईसीएआर–एनआईबीएसएम), रायपुर ने विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत मंगलवार को छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार–भाटापारा जिले के देववरी ग्राम में एक व्यापक किसान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को कीटनाशकों के विवेकपूर्ण उपयोग, उर्वरकों के संतुलित प्रयोग तथा वैकल्पिक पोषक तत्व प्रबंधन पद्धतियों के बारे में जागरूक करना था। विशेषज्ञों ने रासायनिक इनपुट के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों को कम करने और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने पर विशेष बल दिया, जिससे मृदा स्वास्थ्य और उत्पादन क्षमता में सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
इस अवसर पर किसानों को बागवानी, मत्स्य पालन और पशुपालन से संबंधित विभिन्न शासकीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई, जिनका उद्देश्य उनकी आय और आजीविका के अवसरों को बढ़ाना है। साथ ही समेकित और सतत कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
संस्थान के प्रतिनिधि द्वारा दिए गए व्याख्यान में संतुलित उर्वरक उपयोग और समेकित कीट प्रबंधन (इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट) की आवश्यकता और महत्व को विस्तार से समझाया गया।
कार्यक्रम में लगभग 710 किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें 580 पुरुष और 130 महिला किसान शामिल थे। इसके अतिरिक्त जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के 22 अधिकारी एवं सहयोगी कर्मचारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
