जनता की सुरक्षा के लिए प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित होने तक सुरक्षाबल तैनात रहेंगें – सुंदरराज पी.
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जगदलपुर। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने बताया कि नक्सलवाद की समाप्ति में दूरस्थ क्षेत्रों में खोले गए सुरक्षा कैम्पों की विशेष भूमिका रही है। वर्तमान में बस्तर रेंज के विभिन्न संवेदनशील एवं दूरस्थ क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से लगभग 410 सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए है। इन कैपों में सीआपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, आरपीएफ, सीएएफ तथा जिला पुलिस के लगभग 56 हाजर जवान तैनात हैं। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा के लिए किसी भी अशांत क्षेत्र में सुरक्षाबल तब तक तैनात रहते हैं जब तक प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह मजबूत न हो जाए। इन कैंपों की स्थापना का मुख्य उद्देश्य केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना ही नहीं बल्कि इन्हें इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट सेंटर के रूप में विकसित करना भी है, जिसके माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, राशन, सड़क बिजल, बैंकिंग औरआंगनबाड़ी जैसी सुविधाएं दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाई जा रही है।
आईजी संदरराज पी.ने बताया कि लंबे समय तक हिंसा और भय के वातावरण से प्रभावित रहे इस क्षेत्र में अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। शासन-प्रशासन के निरंतर प्रयासों, विकास योजनाओं और स्थानीय जनता के सहयोग से बस्तर में शांति और स्थिरता का माहौल मजबूत हो रहा है। इससे जन जीवन सामान्य हो रहा है। पुलिस और सुरक्षा बलों की नक्सलवाद उन्मूलन बड़ी भूमिका रही है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और अनेक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने निरंतर अभियान चलाकर क्षेत्र में शांति स्थापित करने में अहम योगदान दिया है।
इसके साथ ही, सुरक्षाबलों ने केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक ही अपनी भूमिका सीमित नहीं रखी, बल्कि स्थानीय समुदायों के साथ विश्वास और सहयोग का मजबूत रिश्ता भी बनाया है। विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों, चिकित्सा शिविरों, खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से सुरक्षाबलों ने लोगों के दिलों में भरोसा और सहभागिता की भावना को सुदृढ़ किया है। आज जब बस्तर शांति और विकास के नए दौर की ओर बढ़ रहा है, तब इस सकारात्मक परिवर्तन को स्थायी बनाने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है। प्रशासन, समाज और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से बस्तर प्रगति और अवसरों की नई ऊंचाइयों को छू सकता है। इस यात्रा में पुलिस और सुरक्षाबल पहले की तरह ही पूरे समर्पण, प्रतिबद्धता और सेवा भाव के साथ बस्तर की धरती और यहां के लोगों की सुरक्षा, शांति और समृद्धि के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।
